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कफ सिरप से करोड़ों का नशे का कारोबार, भोपाल में STF की बड़ी कार्रवाई.

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Crores-Worth Illegal Drug Trade Through Cough Syrup Busted, STF Conducts Major Operation in Bhopal.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, भोपाल। राजधानी भोपाल में नशे के कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एयरपोर्ट रोड स्थित गांधीनगर क्षेत्र की पटेल सिटी कॉलोनी में अवैध रूप से संचालित नशीली कफ सिरप की रीपैकेजिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। STF ने मौके से करीब 1.5 करोड़ रुपये का माल जब्त कर 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं।

रिहायशी मकान में चल रहा था नशे का कारोबार

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब सात महीने पहले डोबरा पटेल सिटी स्थित एक मकान किराए पर लिया था। बाहर से देखने पर यह सामान्य आवासीय मकान लगता था, लेकिन अंदर नशीली कफ सिरप की पैकेजिंग और लेबलिंग का पूरा सेटअप संचालित किया जा रहा था।

50 हजार के करीब कफ सिरप की बोतलें जब्त

STF ने छापेमारी के दौरान 49,920 बोतलें Onerex कफ सिरप बरामद की हैं। एक बोतल की अनुमानित कीमत 201 से 210 रुपये के बीच बताई गई है। केवल सिरप की कीमत ही एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

इसके अलावा पुलिस ने पैकेजिंग मशीनें, लेबलिंग मशीन, खाली बोतलें, रसायन, एक लोडिंग वाहन और तीन दोपहिया वाहन भी जब्त किए हैं। कुल जब्ती की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ऐसे बदली जाती थी एक्सपायरी डेट, नए लेबल से होता था खेल

STF के अनुसार गिरोह थोक में Onerex और Off-Cough जैसी नशीली कफ सिरप मंगाता था। इसके बाद मशीनों और विशेष रसायनों की मदद से बोतलों पर अंकित बैच नंबर और एक्सपायरी डेट मिटा दी जाती थी।

इसके बाद बोतलों पर नया लेबल चिपकाकर उन्हें अलग ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा जाता था। बिना डॉक्टर के पर्चे के इन सिरपों को नशे के आदी लोगों और पैडलरों तक पहुंचाया जाता था।

भोपाल से विदिशा तक फैला नेटवर्क, 10 लोग हिरासत में

कार्रवाई के दौरान STF ने कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जिलों के निवासी शामिल हैं।

मुख्य आरोपियों में आकाश भाटी, नरेश भाटी, चंद्रपाल मुखिया, हरिओम मोगिया, धनसिंह, अकील खान और अजय मोगिया के नाम सामने आए हैं।

असली सवाल: आखिर फैक्ट्री तक कैसे पहुंच रही थी नशीली सिरप?

STF अधिकारियों के मुताबिक गिरोह पिछले लगभग एक वर्ष से सक्रिय था। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि नशीली कफ सिरप बनाने वाली मूल कंपनियों से यह माल आरोपियों तक कैसे पहुंच रहा था।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस पूरे नेटवर्क में मेडिकल स्टोर संचालक, थोक दवा विक्रेता या अन्य सप्लाई चैन के लोग शामिल हैं।

रीवा-सतना कनेक्शन की भी जांच

सूत्रों के अनुसार STF को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार प्रदेश के अन्य जिलों, विशेष रूप से रीवा और सतना क्षेत्र से भी जुड़े हो सकते हैं। यह इलाका लंबे समय से कफ सिरप के नशे के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है।

जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और इसके पीछे सक्रिय बड़े खिलाड़ियों की पहचान करने में जुटी हैं।

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