बालाघाट में प्रतिभा का विस्फोट! सांदीपनि के छात्रों का प्रदेश में जलवा.
Explosion of Talent in Balaghat! Sandipani Students Shine Across the State.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा 15 अप्रैल 2026 को घोषित कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में सांदीपनि विद्यालय बालाघाट ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए, बल्कि प्रदेश और जिला स्तर की प्राविण्य सूची में भी अपना दबदबा कायम रखा।
10वीं में 98.9% रिजल्ट, 90% से ऊपर 123 छात्र
कक्षा 10वीं में कुल 483 विद्यार्थियों में से 478 छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए, जबकि केवल 5 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे।
इनमें से 123 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए। इस प्रकार विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 98.9% रहा, जो जिले में उल्लेखनीय है।
12वीं में भी शानदार प्रदर्शन
कक्षा 12वीं में कुल 379 विद्यार्थियों में से 362 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि 17 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे।
इसमें 176 विद्यार्थियों ने 75% से अधिक अंक और 27 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। कुल परिणाम 95.05% रहा।
प्रदेश प्राविण्य सूची में दमदार मौजूदगी
कक्षा 10वीं में कु. नैना लिल्हारे (495 अंक) ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया।
इसके अलावा रेयांश चौरागड़े, अनंत पंचेश्वर, अंशिका गंगभोज, यामिनी शरणागत और हिमांशी कुथे सहित कई विद्यार्थियों ने टॉप-10 में स्थान बनाकर विद्यालय का नाम रोशन किया।
जिला टॉपर्स में भी अव्वल
जिले की प्राविण्य सूची में कु. कौतिका शिव और मिलिंद टांडिया (489 अंक) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं चंचल पंचेश्वर ने द्वितीय और अक्षरा उपवंशी व गेशना पंचेश्वर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
12वीं वाणिज्य में मिताली ने किया कमाल
कक्षा 12वीं (वाणिज्य संकाय) में कु. मिताली टेंभरे ने 478 अंक (95.6%) प्राप्त कर जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सम्मान समारोह में छात्रों का हुआ गौरव सम्मान
उत्कृष्ट परिणाम के उपलक्ष्य में विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय के मुख्य आतिथ्य में प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले और उपप्राचार्य साजिद मोहिस खान ने मेधावी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सम्मानित किया।
सफलता का मंत्र: प्लानिंग + प्रैक्टिस
प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने बताया कि सत्र की शुरुआत से ही सुनियोजित पढ़ाई, नियमित पुनरावृत्ति, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास और कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।
अन्य स्कूलों के लिए चुनौती
सांदीपनि विद्यालय का यह शानदार परिणाम जिले के अन्य स्कूलों के लिए एक चुनौती बनकर उभरा है। सवाल यह है कि क्या अन्य संस्थान भी इसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे?