सत्ता का साया या कानून की हार? विधायक पुत्र पर मेहरबानी!
Shadow of power or failure of law? Favoritism toward the MLA’s son!

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, शिवपुरी। शिवपुरी जिले में भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे द्वारा कार से लोगों को कुचलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हादसे में घायल पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
इलाज का खर्च खुद उठाने को मजबूर पीड़ित, आरोपी पक्ष गायब
घायलों का कहना है कि उनके इलाज में भारी खर्च हो रहा है, लेकिन टक्कर मारने के बाद भी न विधायक और न ही उनका बेटा किसी प्रकार की आर्थिक या मानवीय मदद के लिए आगे आया है।
थार से कुचले 5 लोग, फिर भी “नोटिस देकर छोड़ दिया” आरोपी!
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार कार से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। मामला बढ़ने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त किया, लेकिन आरोपी को सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
बिना नंबर प्लेट, सायरन और विधायक का नाम—फिर भी नरमी क्यों?
घटना में इस्तेमाल की गई कार बिना नंबर प्लेट की बताई जा रही है। इतना ही नहीं, उस पर बड़े अक्षरों में विधायक का नाम लिखा था और सायरन भी बज रहा था। इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी गंभीर लापरवाही के बाद भी कड़ी धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं?
कानून सबके लिए बराबर” या सिर्फ बयानबाजी?
पुलिस का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और उसी आधार पर कार्रवाई की गई है। हालांकि चर्चा है कि कई गंभीर धाराओं से आरोपी को बचा लिया गया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस का हमला: विधायक से मांगा इस्तीफा
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी से इस्तीफे की मांग कर दी है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच मामला और गर्माता जा रहा है।
विधायक की सफाई: “कानूनी कार्रवाई हो”
विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
कैसे हुआ हादसा: मजदूरी पर जा रहे लोगों को मारी टक्कर
दतिया जिले के संहेड़ा गांव निवासी फरियादी संजय परिहार ने करेरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे वे अपने साथियों आशीष परिहार और अंशुल परिहार के साथ बाइक से मजदूरी के लिए जा रहे थे। उनके आगे सीता वर्मा और पूजा सोनी पैदल चल रही थीं। इसी दौरान पीछे से आई थार कार ने पांचों को टक्कर मार दी।
VIP कल्चर” बनाम आम जनता की जान?
पूरा मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—क्या प्रदेश में कानून सच में सभी के लिए बराबर है, या फिर VIP और आम जनता के लिए अलग-अलग नियम हैं? घायल लोग इलाज के लिए जूझ रहे हैं, जबकि आरोपी खुला घूम रहा है।