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वारासिवनी में नजूल जमीन पर ‘कंक्रीट का खेल’: नगर पालिका की मिलीभगत?

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Concrete Game” on Nazul Land in Waraseoni: Is the Municipality Involved?

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, बालाघाट (वारासिवनी) |सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियम बनाए गए हैं, ताकि आम जनता को हर प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिल सके।

लेकिन बालाघाट जिले की वारासिवनी नगर पालिका में हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं। यहां न तो पारदर्शिता के नियमों का पालन हो रहा है और न ही सूचना के अधिकार (RTI) के तहत समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

नजूल जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप

नगर पालिका क्षेत्र में नजूल एवं शासकीय भूमि पर बिना अनुमति पक्के निर्माण किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

सूत्रों के अनुसार:
अस्थायी लीज पर बहुमंजिला दुकानों का निर्माण
एक साल की लीज के बावजूद स्थायी निर्माण
नियमों का खुलेआम उल्लंघन

जबकि नगर पालिका अधिनियम में स्पष्ट है कि अस्थायी लीज पर स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है।

100 से ज्यादा निर्माण, कार्रवाई शून्य

बताया जा रहा है कि परिषद के मौजूदा कार्यकाल में:
100 से अधिक निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं

लेकिन इन पर न तो प्रभावी रोक लगी और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।

नोटिस सिर्फ कागजों में, जमीनी हकीकत अलग

नगर पालिका द्वारा निर्माणकर्ताओं को नोटिस जरूर दिए गए, लेकिन:

  • निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ
  • किसी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई

यानी नोटिस सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गए।

परदा लगाकर जारी निर्माण

स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि:
कई निर्माणकर्ता परदा लगाकर अवैध निर्माण जारी रखे हुए हैं

यह साफ संकेत देता है कि नियमों की अनदेखी खुलेआम हो रही है।

शिकायतें भी बेअसर

इस पूरे मामले की शिकायत:

  • अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
  • कलेक्टर, बालाघाट
  • संयुक्त संचालक, नगरीय निकाय (जबलपुर)

को लिखित रूप में दी गई।

सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज की गई,
लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को लंबित रखा गया।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

पूरा मामला अब सिर्फ अनियमितता नहीं, बल्कि संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

आरोप हैं कि:
👉 अवैध निर्माणकर्ताओं से लाखों रुपये का लेनदेन
👉 जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत
👉 अवैध गतिविधियों को संरक्षण

पारदर्शिता या भ्रष्टाचार की प्रदर्शनी?

वारासिवनी नगर पालिका में जो हालात सामने आ रहे हैं, वे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

👉 RTI बेअसर
👉 शिकायतें लंबित
👉 अवैध निर्माण जारी

अगर यही स्थिति रही, तो यह मामला पारदर्शिता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की खुली प्रदर्शनी बनकर रह जाएगा।

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