cropped-mp-samwad-1.png

गाड़ी- मोबाइल रखकर मांगी रिश्वत, पुलिसकर्मी पर लोकायुक्त का शिकंजा.

0
Dhar police constable caught taking bribe by Lokayukta after demanding ₹50,000 and seizing vehicle and mobile.

Seized Vehicle and Mobile for Bribe, Policeman Trapped by Lokayukta.

Special Correspondent, Dhar, MP Samwad.

A Dhar police constable demanded ₹50,000 from a villager despite a case settlement. He extorted ₹20,000, seized the man’s vehicle and mobile, and threatened jail. Following a Lokayukta complaint and verification, the constable was caught and booked under the Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018.

MP संवाद, धार। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्ती लगातार जारी है। धार जिले में सरदारपुर थाना क्षेत्र के रिंगनोद पुलिस चौकी पर पदस्थ आरक्षक अशोक मौर्य पर 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा है। शिकायत सही पाए जाने पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।


शिकायतकर्ता ने खोली भ्रष्टाचार की पोल

गांव के कमल भूरिया ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि लड़की भगाने के मामले में पहले ही पंचायत और कोर्ट में समझौता हो चुका था। इसके बावजूद चौकी पर पदस्थ आरक्षक अशोक मौर्य ने थाने की कार्रवाई बाकी बताते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।


धमकी और वसूली का खेल

आरोप है कि आरक्षक ने आवेदक को जेल भेजने की धमकी दी और मौके पर ही 20 हजार रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं, उसने उसकी गाड़ी और मोबाइल भी जब्त कर लिया। बाकी 30 हजार रुपये न देने पर गाड़ी और मोबाइल लौटाने से साफ इनकार कर दिया।


लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी

शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, जिसके बाद लोकायुक्त इंदौर इकाई ने आरक्षक अशोक मौर्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया।


यह खबर सीधे तौर पर पुलिस विभाग में व्याप्त रिश्वतखोरी और दबंगई की सच्चाई उजागर करती है। लोकायुक्त की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.