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विवादों में भोपाल डीईओ, महिलाओं ने लगाए अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच करने के आरोप

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भोपाल। अपनी विवादित कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सुखियों में रहने वाले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अंजनी कुमार त्रिपाठी पर इन दिनों फिर चर्चाओं में हैं। इस बार त्रिपाठी पर कार्यालय में पदस्थ अनुसूचित जाति की महिला कर्मचारी ने जिला अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच कर कमरे से बाहर निकालने के आरोप लगाए हैं। वहीं एक अन्य मामले में एक महिला प्राचार्य ने भी डीईओ पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की है। दोनों मामलों में महिलाओं ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव व संभागीय संयुक्त संचालक अरविंद कुमार चैरगढ़े के पास लिखित शिकायत की है। इस मामले को लेकर अजाक्स ने सोमवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दोनो ही शिकायत की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहला मामला:

अभद्र व्यवहार करते हुए कमरे से बाहर निकाल दिया: सहायक ग्रेड तीन अजा वर्ग की महिला कर्मचारी ने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि शमी व संभागीय संयुक्त संचालक को दिए गए शिकायती आवेदन में बताया है कि पिछले 10 अगस्त व 21 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने अपने कक्ष में बुलाकर एक फाइल को लेकर मेरे साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौच की। उन्होंने अभद्र व्यवहार करते हुए मुझे से कमरे से बाहर निकाल दिया। साथ ही कहा कि कभी इस आफिस में दिख मत जाना, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्यवाही कर दूंगा। महिला का कहना है कि पहली बार हुई इस तरह की घटना को लेकर डर के कारण कोई शिकायत नहीं की। इसकी पुनरावृत्ति होने परशिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पत्र में महिला कर्मचारी ने कहा है कि त्रिपाठी की कार्यशैली एवं व्यवहार से कार्यालय के समस्य कर्मचारी और आमजनता पेरशान है। वरिष्ठ अधिकारियों के विरूद्व भी कर्मचारियों के समक्ष अभद्र शब्दों का प्रयोग करते रहते हैं। महिला कर्मचारियों के साथ भी उनका व्यवहार आपत्तिजनक रहता है।

दूसरा मामला:

ऐसे व्यवहार से मैं मानसिक दवाब में रहती हूूं: फंदा ग्रामीण इलाके की एक हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य ने डीईओ त्रिपाठी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगात हुए संभागीय संयुक्त संचालक को लिखित शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है कि जब भी मैं जिला शिक्षा अधिकारी के पास अपनी कोई भी समस्या लेकर जाती हूं, तो वह मेरी बात सुनते ही नहीं हैं। अगर सुनते भी हैं, तो कहते हैं हो गई आपकी बात, अब जाईए यहां से। प्राचार्य ने बताया कि कुछ दिन पहले किसी अन्य स्कूल में पदस्थ एक महिला शिक्षक मेरे स्कूल में आकर बैठी थीं। जब उनसे कारण पूछा और यह कहा कि इस समय आपको अपने स्कूल में होना चाहिए, तो वह भड़क गई और मारपीट के लिए तैयार हो गई। यह पूरी घटना कैमरे में रिकार्ड हुई है। जब इस पूरी घटना की लिखित और मौखिक जानकारी डीईओ त्रिपाठी को दी तो उन्होने इस पर ध्यान नहीं दिया। बल्कि इसके उलट डीईओ त्रिपाठी ने उक्त शिक्षिका के लिए व्यक्तिगत फोन किया। जब कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र देना चाहा, तो वह भी लेने से इंकार कर दिया।

न मिलते हैं डीईओ, न उठाते हैं फोन, एक दिन पहले किया था एबीवीपी ने प्रदर्शन :

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी को उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उन्होने फोन नहीं उठाया । उल्लेखनीय है कि बीते गुरूवार को भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने डीईओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डीईओ की कुर्सी पर लापता डीईओ के पोस्टर भी लगा दिया था। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि डीईओ त्रिपाठी न कार्यालय में मिलते हैं और न ही फोन उठाते हैं।

इनका कहना है:

एक महिला प्राचार्य व एक महिला कर्मचारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई है। दोनों के मामलों में जांच की जाएगी। इसके साथ इसे आगे की कार्यवाही के लिए आयुक्त लोक शिक्षण को भेजा गया हंै। दोनों मामलों में जांच के बाद शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।-अरविंद कुमार चौरगढ़े, संभागीय संयुक्त संचालक, भोपाल संभाग

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