MP SAMVAAD LOGO 2

विलय के बाद भी विस्तारा का उड़ान अनुभव समान रहेगा: एयर इंडिया

0

नई दिल्ली
 एयर इंडिया ने कहा कि विलय के बाद विस्तारा के मार्ग तथा समय सारणी के साथ-साथ उड़ान के दौरान मिलने वाला अनुभव समान ही रहेगा। विस्तारा के विमानों से संचालित उड़ानों का कोड ‘एआई2’ होगा।

दोनों पूर्ण सेवा वाहकों का विलय 12 नवंबर को पूरा होने वाला है, जिसके बाद सिंगापुर एयरलाइंस की नई इकाई में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

विस्तारा टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उद्यम है।

विलय के बाद, एकीकृत इकाई के ‘फ्रीक्वेंट फ्लायर’ कार्यक्रम के जरिये विंटेज ‘महाराजा’ को बरकरार रखा जाएगा।

एयर इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘क्लब विस्तारा के मौजूदा सदस्यों को एयर इंडिया के ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ कार्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस विलय के साथ ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ भी एक नए अवतार ‘महाराजा क्लब’ में परिवर्तित हो जाएगा।’’

विलय के बाद भी विस्तारा द्वारा प्रदान किया गया अनुभव ग्राहकों के लिए समान रहने की बात दोहराते हुए एयर इंडिया ने कहा कि विस्तारा की पहचान चार अंकों वाले एक विशेष एयर इंडिया कोड से होगी जिसकी शुरुआत अंक ‘2’ से होगी।

बयान में कहा गया, ‘‘उदाहरण के लिए ‘यूके 955’ 12 नवंबर के बाद एआई 2955 बन जाएगा, जिससे बुकिंग के समय ग्राहकों को उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।’’

इसके अलावा, उसने कहा कि विस्तारा विमानों द्वारा संचालित मार्ग तथा समय सारणी वही रहेगी। साथ ही एयरलाइन का उड़ान के दौरान का अनुभव भी समान रहेगा।

कुछ हलकों में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या विलय के बाद विस्तारा के यात्रियों को अब पहले जैसी ही सेवाएं मिलती रहेंगी, क्योंकि परिवर्तन के दौर से गुजर रही एयर इंडिया को हाल के दिनों में सेवा संबंधी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

एयर इंडिया ने दो अक्टूबर को कहा था कि विलय के बाद भी विस्तारा का अनुभव समान रूप से बरकरार रहेगा।

विस्तारा के चेयरमैन भास्कर भट ने बुधवार को कहा कि एकीकृत इकाई दोनों विमानन कंपनियों की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और।

एयर इंडिया-विस्तारा विलय की घोषणा नवंबर 2022 में की गई थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.