मेडिकल स्टोर्स पर ‘सरप्राइज चेक’! बिल, लाइसेंस और दवा स्टॉक की खुली जांच.
Surprise Checks at Medical Stores! Bills, Licenses, and Medicine Stocks Under Scrutiny.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी जिले में दवाओं के सुरक्षित और वैधानिक विक्रय को लेकर प्रशासन ने निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। जिला स्तरीय एनकोर्ड समिति की बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में औषधि प्रशासन विभाग ने शनिवार को शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान दवा बिक्री से जुड़े अभिलेखों, औषधियों के भंडारण, लाइसेंस संबंधी प्रावधानों और अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं की जांच की गई।
मेडिकल स्टोर्स पर अचानक पहुंची टीम, रिकॉर्ड से लेकर लाइसेंस तक जांच
निरीक्षण अभियान के दौरान शासकीय अस्पताल के समीप स्थित विनय मेडिकल एवं शर्मा मेडिकल, दुर्गा चौक स्थित मनोहर मेडिकल एवं सम्पत मेडिकल, आकाश मेडिकल, हरी मेडिकल, रोशन नगर स्थित तिवारी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, आयुष मेडिकेयर, तिलक कॉलेज रोड स्थित अनिल मेडिकल एंड जनरल स्टोर तथा अंशिका मेडिकल सहित कई औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
औषधि प्रशासन की टीम ने मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध दवाओं के रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस की वैधता सहित विभिन्न बिंदुओं की जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों को औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिना बिल और एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती, फार्मासिस्ट की मौजूदगी जरूरी
निरीक्षण के दौरान औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित सभी अभिलेख अद्यतन रखें और उनका संधारण निर्धारित नियमों के अनुसार करें। प्रत्येक दवा की बिक्री औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही करने के निर्देश दिए गए।
ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में शेड्यूल दवाओं का विक्रय नहीं किया जाना चाहिए। बिना बिल दवा की बिक्री, एक्सपायरी दवाओं को बिक्री काउंटर पर रखना और फिजिशियन सैंपल की बिक्री प्रतिबंधित है।
कफ सिरप की बिक्री पर भी नजर, नियम तोड़े तो कार्रवाई की चेतावनी
औषधि प्रशासन विभाग ने चार वर्ष से कम आयु के बच्चों को चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवा नहीं देने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही कफ सिरप की बिक्री चिकित्सक के वैध पर्चे के आधार पर ही करने को कहा गया।
मेडिकल स्टोर्स पर चलाए गए इस औचक निरीक्षण अभियान के बाद अब सवाल यह है कि क्या जिले के सभी दवा विक्रेताओं द्वारा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है? प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल निरीक्षण तक सीमित रहेगा या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी ठोस कार्रवाई होगी—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, औषधि प्रशासन की सख्ती ने मेडिकल कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में सतर्कता जरूर बढ़ा दी है।
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