गरीबों के हिस्से में जहर? टीकमगढ़ में फंगस युक्त अनाज भेजने पर मचा हड़कंप.
Poison for the Poor? Uproar in Tikamgarh Over Fungus-Contaminated Grain Shipment.
Special Correspondent, Teekamgarh, MP Samwad.
Around 1,000 quintals of fungus-contaminated grain meant for the poor in Tikamgarh was stopped by the Collector. The substandard PDS supply raised health concerns. Orders for investigation were issued, and responsible agencies were served notices. Authorities demanded replacement with quality grain to ensure food safety for underprivileged families.
MP संवाद, टीकमगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को बांटा जाने वाला लगभग 1,000 क्विंटल अनाज कलेक्टर ने वापस लौटा दिया। यह अनाज बेहद घटिया, अमानक स्तर का और फफूंद युक्त था। जैसे ही इसकी जानकारी कलेक्टर विवेक श्रोती को मिली, उन्होंने तत्काल वितरण पर रोक लगाते हुए पूरे स्टॉक को गोदाम में ही रखवाया और जांच के आदेश दे दिए।
यह अनाज जतारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वितरण केंद्रों पर भेजा जाना था। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक यह अनाज गरीबों को नहीं बांटा जाएगा।
“बदले में गुणवत्ता युक्त अनाज की मांग”
टीकमगढ़ के एसडीएम लोकेंद्र सरल मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह खराब अनाज नर्मदापुरम से भेजा गया था। कलेक्टर विवेक श्रोती ने बताया कि यह स्टॉक नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से आया था, जिसे लेने से हमने इनकार कर दिया। संबंधित एजेंसी और ट्रांसपोर्टर को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज भेजने की मांग की गई है।
“गरीबों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे”
कलेक्टर ने कहा कि सरकार की मंशा गरीबों को राहत देने की है, न कि बीमारी बांटने की। घटिया और फफूंदयुक्त अनाज को हरगिज स्वीकार नहीं किया जाएगा।