MP SAMVAAD LOGO 2

विमान में बम है! अब ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को मिलेगी उम्रकैद

0

नई दिल्ली
विमान में बम है! ऐसी धमकियां आजकल आए दिन मिल रही हैं। इनके चलते एयरपोर्ट अथॉरिटीज को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार फ्लाइट्स की इमरजेंसी लैंडिंग कराकर चेकिंग होती है तो कभी फ्लाइट्स के टेकऑफ से पहले ही घंटों जांच होती है। ऐसे मामलों को लेकर अब सरकार भी सख्त रुख अपना सकती है। सोमवार को उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि अफवाह फैलाने लोगों पर कड़ा ऐक्शन होना चाहिए। ऐसे मामलों को संज्ञेय अपराध माना जाए। इसके अलावा उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में डाला जाए यानी उनके उड़ान भरने पर हमेशा के लिए रोक लगे।

उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कानून बनना चाहिए, जिसमें अफवाहें फैलाने के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान हो। नायडू ने कहा इस तरह की फर्जी कॉल्स से गंभीर स्थिति पैदा होती है। पूरा प्रशासन परेशान होता है और यात्रियों को भी मुसीबत झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि बीते एक सप्ताह के अंदर ही ऐसी 100 कॉल्स आई हैं, जिनसे परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने UDAN स्कीम के 8वें साल के मौके पर कहा कि यह संवेदनशील मामला है। जब हम फर्जी कॉल्स की बात करते हैं तो हमें यह भी सोचना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना पड़ता है। इसलिए किसी भी धमकी पर पूरी जांच करनी पड़ती है। इसमें वक्त लगता है और पूरे प्रोटोकॉल को फॉलो किया जाता है।

नायडू ने कहा कि अब उड़ानों में बम या हमले जैसी धमकियों वाले फर्जी कॉल्स को संज्ञेय अपराध बनाया जाएगा। ऐसा करने वालों को नो फ्लाई लिस्ट में डाला जाएगा। इसके अलवा हम चाहेंगे कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा मिले। ऐसे केसों में उम्रकैद तक की सजा का भी प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने सिक्योरिटी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई है। इससे एयरपोर्ट्स की मॉनिटरिंग और मजबूत हुई है। इसके अलावा हम गृह मंत्रालय से भी बात कर रहे हैं कि कैसे इन मामलों से निपटा जाए। हमें एयरक्राफ्ट सिक्योरिटी रूल्स में बदलाव करना होगा और हमने यह बात होम मिनिस्ट्री के सामने रख दी है। नए कानून में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान कराया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.