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560 सरकारी स्कूलों में नहीं है बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार.

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The Supreme Court has rebuked the absence of separate toilets for girls in 560 government schools.

– प्रदेश के 25 फीसदी सरकारी स्कूलों का मामला पहुंचा था सुप्रीम कोर्ट –

Supreme Court; Sahara Samachaar;

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 स्कूलों में नहीं अलग शौचालय

भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं के सुधार के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते इन प्रयासों पर अमल नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि प्रदेश के 560 प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय तक नहीं है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद कोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। जिस पर राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक धनराजू एस ने विभाग के उपसचिव को पत्र लिखकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में सुनवाई के बाद दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 2022 सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है, यह याचिका 25 फीसदी स्कूलों को लेकर लगाई गई थी। यह है पूरा मामलादरअसल, प्रदेश के 52 जिलों में 24,741 विद्यालयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में डॉ. जया ठाकुर द्वारा याचिका लगाई थी। इस याचिका में बताया गया कि 560 स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस पर कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को फटकार लगाई है । जानकारों की माने तो प्रदेश के स्कूलों में लड़कियों के शौचालय का प्रतिशत 95 है। जबकि उनमें से आधे से अधिक शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं। शहरी क्षेत्रों में एक बारगी शौचालय मिल भी जाएंगे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

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