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उप तहसील भवनो में कराया गुणवत्ता विहीन कार्य, लापरवाही की वजह से खुली पोल, विभागीय अधिकारियों के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार।

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Katni; Corruption; Collector katni;

Sub-tehsil buildings witnessed substandard work; negligence exposed the flaws, with departmental officials engaging in rampant corruption.

Sub-tehsil buildings witnessed substandard work; negligence exposed the flaws, with departmental officials engaging in rampant corruption.

Special Correspondent, Katni, Madhya Pradesh Samwad.

कटनी .ढीमरखेड़ा। ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत सिलौंड़ी उप तहसील के भवन निर्माण में ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। ठेकेदार और अधिकारियों के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की कलाई उस समय खुली थी जब तत्कालीन कलेक्टर अवि प्रसाद क्षेत्र के दौरे पर थे और उप तहसील सिलौंड़ी पहुंचे थे, इसी दौरान नायब तहसीलदार दिनेश असाटी के द्वारा उक्त संबंध में जानकारी दी गई तब कलेक्टर के द्वारा उप तहसील सिलौंड़ी के नवीन भवन का जायजा लिया गया। 

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2021 में ही उक्त भवन बनकर तैयार हुआ था और इतने अल्प समय में ही दीवारों में दरारें दिखाई दे रहीं थी। साथ ही घटिया गुणवत्ता की वजह से कमरों एवं बाथरूम में लगी टाईल्सें टूटी हुई पाईं गई। बिजली फिटिंग का भी कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया।

जानकारी के मुताबिक मौके पर जो स्थिति परिलक्षित हो रही है वह यह स्पष्ट कर रही है उप तहसील का भवन बनाने में व्याप्त पैमाने पर गुणवत्ता को दरकिनार कर निर्माण किया है जिसमें ठेकेदार  के साथ ही विभागीय अधिकारियों के द्वारा भी गुणवत्ता की अनदेखी जानबूझकर की गई जिस कारण से उक्त नवीन भवन अल्प समय में ही जर्जर हालत में पहुंच गया है। हालांकि मामला सामने आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने ग्रामीण यंत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री जांच के लिये निर्देशित किया था। 

निर्माण के समय अधिकारी क्यों नहीं देते ध्यान 

लाखों-करोड़ों रुपए की इमारतें जर्जर हो रही है जो ठेकेदार और अधिकारियों की संगामित्ती को परिलक्षित करती है। चूंकि शासन के द्वारा किसी भी शासकीय भवन बनाने का टेंण्डर जारी किया जाता है जिसमें ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य करवाया जाता है और किसी भी एजेंसी को निर्माण कार्य करवाने की जिम्मेदारी होती है तो उसके द्वारा निर्माण कार्य के समय गुणवत्ता की मॉनिटरिंग क्यों नहीं की जाती । वर्तमान में जो स्थिति उप तहसील भवन सिलौंडी में उत्पन्न हुई है उसमें ठेकेदार के साथ ही निर्माण एजेंसी भी बराबर की दोषी है चूंकि ठेकेदार यदि गुणवत्ता को ताक पर रखकर कार्य कर रहा था तो निर्माण एजेंसी क्या कर रही थी। 

उमरियापान उप तहसील भवन भी हुआ जर्जर

जिस तरह की स्थिति उप तहसील सिलौंड़ी में निर्मित हुई है ठीक इसी तरह की स्थिति उमरियापान उप तहसील भवन की है। उक्त भवन भी कुछ ही वर्षों पहले बनाया गया था।जिसमें भी जगह-जगह दरारें देखने को मिल रही है और जहां पर नायब तहसीलदार बैठते है उक्त कक्ष की टाईल्स भी टूट रही है। भवन में जगह-जगह दरार आने से अंदाजा लगाया जा सकता है ठेकेदार के द्वारा कितना अच्छा काम करवाया गया होगा? गुणवत्ता को ताक में रखकर ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य करवाया गया है जिसमें अधिकारियों की संलिप्ता स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। 

कलेक्टर से ग्रामीणों को कार्यवाही की आस

इस संंबध में ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा मामले को संज्ञान लिया गया था जिसमें किसी तरह की कार्यवाही दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर नहीं की गई है। लिहाजा शासन के पैसों की होली खेलकर गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करवाया गया है जिस कारण से उक्त सरकारी बिल्डिंग अल्प समय में ही जर्जर होकर जीर्ण-क्षीर्ण हालात में पहुंच रही है। कलेक्टर का स्थानांतरण होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया, ग्रामीणों को अब नये कलेक्टर से कार्यवाही की आस है।

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