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घोटाले की नई धारा: नाली बिना निर्माण, ठेकेदार मालामाल!

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A glaring case of paper-only development in Singrauli — 18 lakh paid for a drain that doesn’t exist.

18 lakh drain scam in Singrauli exposed, no construction at site

Site of the invisible drain: Singrauli’s 18 lakh scam with no real construction – mpsamwad.com

A New Stream of Scam: Contractor Gets Rich Without Building the Drain!

Special Correspondent, Singrauli, MP Samwad.

सिंगरौली में कागजी नाली का घोटाला! 18 लाख की नाली सिर्फ फाइलों में बनी, ठेकेदार ने कर लिया मालामाल। नगर निगम के भ्रष्टाचार की ये नई मिसाल बनी है चर्चा का विषय।

Singrauli witnesses a bizarre scam! An 18-lakh drain exists only on paper, while the contractor walks away rich. Corruption exposed!

MP संवाद, सिंगरौली जिले की ज़मीन अब सिर्फ कोयला नहीं, कॉमिक करप्शन भी उगल रही है। बीते दिनों यहां नहर चोरी की खबर आई थी, और अब नाली भी कागजों से गायब हो गई है। जी हां, यहां नगर निगम ने एक ऐसी नाली का निर्माण करवा डाला जो धरती पर नहीं, सिर्फ फाइलों में मौजूद है। है ना जादू?

इस जादुई नाली का ठेका ‘महाकाल ब्रदर्स’ को मिला था — नाम से ही स्पष्ट है कि काम अलौकिक ही होगा! वार्ड नंबर 36, जयनगर में 400 मीटर लंबी इस ‘कागजी नाली’ के लिए नगर निगम ने 18 लाख 72 हजार रुपये ध्यान से सुनिए — पूरा भुगतान कर डाला, और वह भी तब, जब नाली बनाने की ईंट तक नहीं रखी गई।

फाइलों में बिछी नाली, फोटो में दिखी खाली ज़मीन

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 4 अगस्त 2023 को हुई, जब टेंडर निकाला गया और काम ‘कथित रूप से’ शुरू हुआ। माप पुस्तिका में जूनियर इंजीनियर ने कार्य पूरा बता दिया। निगम कर्मियों ने फोटो भी खिंचवा ली — उस जगह की, जहां कुछ नहीं था! और 4 मार्च 2024 को ठेकेदार को पूरा भुगतान हो गया।

आयुक्त भी हुए हैरान, दौरा कर बोले – “यह तो सीधा धोखा है”

जब यह खबर मीडिया में आई और जनता ने शोर मचाया, तब नगर निगम आयुक्त डीके शर्मा मौके पर पहुंचे और खुद देखा कि वहां कोई नाली नहीं है। उन्होंने माना कि मामला गंभीर है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से भी की है।

सवालों की बौछार: ये नाली कहां है भाई?

इस ‘अदृश्य नाली’ कांड ने यह साबित कर दिया है कि सिंगरौली में भ्रष्टाचार भी डिजिटल हो गया है! कोई कुछ बनाए बिना ही पैसा बना लेता है। जनता अब पूछ रही है —

  • क्या अगला प्रोजेक्ट ‘हवा में पुल’ का होगा?
  • या ‘ऑनलाइन सड़क’, जो सिर्फ गूगल मैप में दिखे?

स्थानीय लोग नाराज़ हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब देखना है कि यह ‘नाली लीला’ कब उजागर होती है।

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