साईंखेड़ा में ‘काम रोको’ की मांग: भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआक्रोश.
Demand to halt work in Saikheda: Public outrage against corruption.

Special Correspondent, Ranjeet Singh Tomar, Narsinghpur MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर अब आंदोलन तेज होने जा रहा है। राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने 22 से 24 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
जांच नहीं तो आंदोलन: 13 अप्रैल के ज्ञापन के बाद भी प्रशासन खामोश
संगठन के प्रदेश सचिव रणजीत सिंह तोमर के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल को प्रशासन को ज्ञापन देकर सात दिनों में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब सड़क पर उतरने का फैसला लिया गया है।
बस स्टैंड से तालाब तक—हर प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
आंदोलनकारियों का आरोप है कि नगर परिषद के अंतर्गत बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, नाला निर्माण, मुक्तिधाम, नगर परिषद भवन और तालाब सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है।
“जांच तक काम रोको”: साक्ष्य बचाने की मांग
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि कलेक्टर द्वारा निष्पक्ष जांच पूरी होने तक सभी निर्माण कार्यों पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके।
आंदोलनकारियों को डर: “झूठे केस में फंसाने की आशंका”
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आशंका जताई है कि उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराए जा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन को सूचना, जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
इस संबंध में तहसीलदार साईंखेड़ा को सूचना पत्र सौंपा गया है, जिसकी प्रतिलिपि एसडीएम गाडरवारा और थाना प्रभारी साईंखेड़ा को भी भेजी गई है। संगठन का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और जनहित में होगा।
विकास या भ्रष्टाचार का खेल?” अब सड़कों पर जवाब मांगेगी जनता
साईंखेड़ा में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोपों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच होती है या आंदोलन और उग्र रूप लेता है।