हर घर नल योजना फेल: रीठी में पानी के लिए भटकते ग्रामीण.
Har Ghar Nal scheme fails: Villagers in Rithi struggle for drinking water.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले के रीठी क्षेत्र में “हर घर नल” योजना के बावजूद पेयजल संकट ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल गर्मी आते ही पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है।
धूप से बचें या प्यास बुझाएं? ग्रामीणों की दोहरी मार
रीठी और आसपास के गांवों में हालात इतने खराब हैं कि लोग एक अजीब दुविधा में फंसे हुए हैं—
या तो घर में रहकर प्यासे रहें, या तेज धूप में निकलकर पानी भरने जाएं। अप्रैल की तपती गर्मी ने इस संकट को और भी गंभीर बना दिया है।
वर्षों पुरानी समस्या, हर साल वही हाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कोई नई समस्या नहीं है। रीठी क्षेत्र में वर्षों से हर गर्मी में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया।
इन गांवों में सबसे ज्यादा संकट
बड़गांव, गुरजी, रूड, रूड देवरी, देवगांव सहित दर्जनों गांवों में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
दफ्तरों में “मुआयना”, जमीनी हकीकत बदहाल
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारी सिर्फ कागजों में मुआयना करते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थायी समाधान की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं, ताकि हर साल इस संकट से राहत मिल सके।
“योजना कागजों में, प्यास जमीन पर”
रीठी क्षेत्र का जल संकट यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर करोड़ों खर्च के बाद भी लोगों को पानी क्यों नहीं मिल रहा?
अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।