वंदे भारत से मेट्रो तक, रायसेन में बनेंगे देश के अत्याधुनिक कोच. भोपाल, सीहोर और विदिशा को मिलेगा लाभ.
From Vande Bharat to Metro, India’s Most Advanced Coaches to Be Built in Raisen; Bhopal, Sehore, and Vidisha to Benefit.
Source -IANS, Edited by MP Samwad.
Raisen is set to become a hub for manufacturing India’s most advanced train coaches, from Vande Bharat to metro projects. This mega project will not only strengthen the country’s rail infrastructure but also bring economic growth and job opportunities to Bhopal, Sehore, and Vidisha districts.
MP संवाद, भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि रायसेन जिले में प्रस्तावित रेलवे कोच निर्माण इकाई राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई रफ़्तार देगी।
सीएम ने इस मेगा परियोजना की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा—
“यह केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश को एक और बहुमूल्य उपहार है।”
इस परियोजना का भूमिपूजन और शिलान्यास 10 अगस्त को ओबैदुल्लागंज (भोपाल-रायसेन सीमा) में होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि रहेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार और बीईएमएल अध्यक्ष शांतनु राय भी मौजूद रहेंगे।
समारोह में बीईएमएल परियोजना पर लघु फिल्म, संयंत्र का 3डी वॉक-थ्रू, और आगामी विनिर्माण इकाइयों के मॉडल प्रदर्शन भी होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया—
“यह ‘मेक इन इंडिया’ मिशन की भावना को दर्शाता है। यहां निर्मित वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच भारतीय रेलवे के नए युग की शुरुआत करेंगे।”
इस परियोजना से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा जिलों को लाभ होगा और 1,500 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे, खासकर स्थानीय तकनीकी संस्थानों के छात्रों को।
बीईएमएल, जो एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थ मूविंग उपकरण निर्माता कंपनी है, इस अत्याधुनिक इकाई की स्थापना उमरिया गांव (गौहरगंज, रायसेन) में करेगी। यह स्थान भोपाल से करीब 50 किमी दूर है। राज्य सरकार ने इसके लिए 60 हेक्टेयर (148 एकड़) भूमि आवंटित की है।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की घोषणा इस साल मई में बेंगलुरु में आयोजित एक व्यापारिक सम्मेलन के दौरान की थी। बीते सप्ताह बीईएमएल के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मुलाकात कर बताया कि स्थापना के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।