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कटनी में आवास योजना में गड़बड़ी, सरपंच-सचिव सहित 4 पर कार्रवाई.

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Visual representation of Katni housing scheme fraud case with ₹1.2 lakh recovery order issued by district administration.

Infographic depicting Katni PM Awas Yojana irregularity and government recovery order from officials.

District Panchayat CEO in Katni orders recovery of ₹1.2 lakh in housing scheme fraud.

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

In Katni, Madhya Pradesh, a beneficiary received double benefits under housing schemes, violating rules. District Panchayat CEO ordered recovery of ₹1.2 lakh from officials including the sarpanch and secretary. Strict action under Panchayat Raj Act was initiated. Officers have 15 days to deposit the amount or face further proceedings.

MP कटनी। जिला पंचायत के सीईओ शिशिर गेमावत ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राही शंभू लाल पिता गैसू को नियमों के विरुद्ध लाभ दिए जाने पर कार्यवाही करते हुए तत्कालीन सरपंच ममता देवी, सचिव स्नेहलता सिंह, प्रभारी सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक नरेश चौधरी तथा उपयंत्री (सुपरवाइज़र) रोहित कुमार कुमरे के विरुद्ध वसूली आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, शासन मद में 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि 15 दिवस के भीतर जमा करना अनिवार्य किया गया है।

यह है पूरा मामला:

वर्ष 2014-15 में इंदिरा आवास योजना के तहत नन्हवारा कला निवासी शंभू लाल को ₹35,000 की पहली किश्त प्रदान की गई थी, परंतु उन्होंने आवास निर्माण नहीं कराया। इसके बावजूद उन्होंने बाद में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ₹1,20,000 की राशि प्राप्त कर ली। शासन के नियमानुसार, एक व्यक्ति को दो बार आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता।

जांच एवं कार्यवाही:

मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के अंतर्गत जांच के निर्देश दिए गए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शंभू लाल को नियम विरुद्ध लाभ दिया गया। इसके आधार पर सीईओ ने धारा 89 के तहत नुकसान की भरपाई हेतु निम्नलिखित अधिकारियों से समानुपातिक वसूली के आदेश जारी किए:

  • ममता देवी (तत्कालीन सरपंच) – ₹30,000
  • स्नेहलता सिंह (सचिव) – ₹30,000
  • नरेश चौधरी (ग्राम रोजगार सहायक) – ₹30,000
  • रोहित कुमार कुमरे (उपयंत्री) – ₹30,000

कुल वसूली राशि: ₹1,20,000

यदि निर्धारित समयावधि में यह राशि शासन खाते में जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित प्राधिकारी पृथक प्रकरण दर्ज कर अधिनियम की धारा 92 के अंतर्गत वसूली की प्रक्रिया अपनाएंगे।

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