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विकास नहीं, वसूली मॉडल! कुआं पास कराने के बदले सरपंच ने मांगी रिश्वत.

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Not development, but an extortion model! Sarpanch demanded a bribe in exchange for approving a well construction.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Panna, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, पन्ना। मध्य प्रदेश के Panna district के शाहनगर जनपद पंचायत परिसर में बुधवार दोपहर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को कुआं निर्माण की स्वीकृति और भुगतान सुनिश्चित कराने के बदले 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

यह कार्रवाई Lokayukta Sagar Office की सात सदस्यीय टीम द्वारा दोपहर करीब एक बजे की गई।
कार्रवाई होते ही पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्रामीण नंदलाल सिंह राठौर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत चौपरा का सरपंच कुआं निर्माण कार्य की स्वीकृति और पहली किस्त के भुगतान के बदले लगातार रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप तैयार किया।

ट्रैप के तहत सरपंच ने नंदलाल को Shahnagar Janpad Panchayat परिसर में बुलाया और पहली किस्त के नाम पर 5 हजार रुपये लेने की बात कही। जैसे ही बरगद के पेड़ के पास सरपंच ने रिश्वत की रकम ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

मौके पर नोटों का केमिकल परीक्षण किया गया, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। टीम ने पूरी राशि जब्त कर सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वैधानिक प्रक्रिया के बाद आरोपी सरपंच को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

विकास के नाम पर वसूली का खेल बेनकाब

कार्रवाई के दौरान जनपद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों और कर्मचारियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया—

“सरपंच विकास कार्यों के नाम पर लगातार पैसे मांग रहे थे। आज पहली बार किसी ने हिम्मत करके शिकायत की और नतीजा सामने आ गया।”

लोकायुक्त सागर के एक अधिकारी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टीम लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी स्तर के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पंचायत स्तर पर रिश्वतखोरी की जड़ें अब भी मजबूत

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ग्रामीण विकास योजनाओं में सरपंच स्तर पर रिश्वतखोरी अब भी गंभीर समस्या बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ट्रैप कार्रवाई न केवल दोषियों पर शिकंजा कसती है, बल्कि आम ग्रामीणों को शिकायत दर्ज कराने का साहस भी देती है।

इस पूरे मामले में Katni District Administration द्वारा भी जांच और वैधानिक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

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