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लोकसभा क्षेत्र में तीन साल से पदस्थ अफसर हटेंगे, भले ही वे जिले में एक साल पहले ही पदस्थ किए गए हों

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Officers posted in the Lok Sabha constituency for three years will be removed, even if they were posted in the district only a year ago.

  • चुनाव आयोग के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अफसरों का डिटेल खंगालना शुरू किया-
  • लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियां पूरी, जल्दी ही जारी हो जाएगा चुनाव कार्यक्रम

भोपाल। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती आज से शुरू हो गई है। 12 मार्च के बाद किसी भी वक्त चुनाव कार्यक्रम जारी हो जाएगा। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगा। मप्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। अभी कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष से जमे अफसरों को हटाने का निर्देश दिया था। सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्दी ही आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को हटाकर नई पदस्थापना कर दी जाएगी।

मप्र में 55 जिलों में कुल 29 लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इन जिलों में कई ऐसे अफसर पदस्थ हैं, जो जिले से तो हटाए गए थे, लेकिन आसपास के जिले में उनकी पदस्थापना हो गई। वह जिले उसी लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में इन जिलों में पदस्थ कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को जल्दी ही हटाने का आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस दायरे में कलेक्टर, एसपी के अलावा अन्य ऐसे अधिकारियों व कर्मचारी भी आ रहे हैं, जो चुनाव कार्य में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनाव की ही तरह प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए करीब 4 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें ऐसे सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, जो मप्र के वोटर हैं।

एक ही लोकसभा में 3 वर्ष की अवधि पूरी करने वाले अफसर हटेंगे

मप्र में एक ही लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष की अवधि पूरी करने वाले जिलों के कलेक्टरों में सीधी, विदिशा, ग्वालियर कलेक्टर तथा शिवपुरी, श्योपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। जल्दी ही इन अफसरों को हटाकर किसी अन्य जिले में भेजा जाएगा। दूसरी तरफ कई ऐसे अफसर भी हैं, जिनकी 30 जून 2024 तक एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना हो चुकी है। अब उनके सामने असमंजस की स्थिति है। इसमें कई अधिकारी कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो जिले में तो एक दो साल ही रहे हैं, पर लोकसभा क्षेत्र में वे तीन साल या उससे भी ज्यादा समय तक पदस्थ रहे हैं। ऐसे में विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ आईएएस, आईपीएस अफसरों की दिक्कतें चुनाव आयोग के नए निर्देश ने बढ़ा दी है।

जीएडी ने ऐसे अफसरों की सूची तैयार करना शुरू किया

सूत्रों ने बताया कि आयोग की 3 साल की क्राइटेरिया वाले निर्देश के बाद से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने ऐस लोगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद उन कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ ही विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ शासकीय सेवकों का हटना तय हो गया है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की जानकारी खुद उन्ही अफसरों से मंगाई है, तो किस जिले में खासकर लोकसभा क्षेत्र में तीन साल या उससे ज्यादा अवधि तक पदस्थ हैं। एक तथ्य यह भी है कि कई ऐसे लोकसभा क्षेत्र भी हैं, जो आसपास के तीन से चार जिलों में फैला हुआ है। इस स्थिति में यदि दो सौ किमी दूर किसी शासकीय सेवक की पदस्थापना की गई है, और वे उस क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें भी हर हाल में हटाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इस तरह की सूची तैयार करने को कहा है।

चुनाव कार्य में लगे इन अफसरों को भी हटाया जाएगा

अब जीएडी और गृह विभाग ने पुलिस निरीक्षकों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना को लेकर पीएचक्यू और राजस्व विभाग को भी ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना संबंधी जानकारी जुटानी पड़ रही है, ताकि जल्द से जल्द आदेश जारी किए जा सकें। इसी तरह चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले आबकारी विभाग के अफसरों के मामले में भी नए सिरे से तबादले की कवायद करनी पड़ सकती है। जिला कार्यालयाें में पदस्थ कर्मचारियों को भी जो सीधे तौर पर चुनाव कार्य से जुड़े हैं, उनकी भी डिटेल खंगाली जा रही है।

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