MP SAMVAAD LOGO 2

बस स्टैंड या बदनामी का अड्डा? कटनी का प्रियदर्शिनी आज भी विकास की बाट जोह रहा!

0
mpsamwad.com coverage of Katni's ruined bus stand

Bus Stand or Den of Notoriety? Katni’s Priyadarshini Still Awaits Development!

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

Katni’s Priyadarshini Bus Stand remains neglected for 20 years—lacking basic amenities, plagued by drunkards, and flooded during rains. Authorities ignore public woes despite hefty revenue. Locals demand urgent action!

MP संवाद, कटनी – शहर के एकमात्र प्रियदर्शिनी बस स्टैंड के विकास की योजनाएँ तो खूब बनीं, लेकिन जिम्मेदारों ने इन्हें जमीन पर उतारने की जहमत नहीं उठाई। 20 साल बीत जाने के बाद भी हालात वही के वही हैं। लोगों की “मॉडल बस स्टैंड” की आस धुंधली पड़ती जा रही है। दिन-प्रतिदिन सिकुड़ते इस स्टैंड को संवारने के लिए अधिकारी बार-बार घोषणाएँ करते रहे, मगर धरातल पर कुछ नहीं बदला। नतीजा यह कि शहर का यह प्रमुख बस स्टैंड आज भी पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को यहाँ हर कदम पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलने के बावजूद स्टैंड की सूरत बदलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आगामी दिनों में बारिश शुरू होने वाली है, और ऐसे में यह पूरा इलाका सड़ांध मारते तालाब में तब्दील हो जाएगा। यात्रियों को फिर से गंदगी और कीचड़ के बीच संघर्ष करना पड़ेगा। लेकिन क्या किसी जिम्मेदार को इसकी परवाह है?

शाम ढलते ही शराबियों का कब्जा

शाम होते ही यहाँ आसपास के शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क किनारे खुलेआम शराब पीते लोगों का नजारा आम है। मीडिया में हलचल होने पर पुलिस कभी-कभार छापामारी करती है, कुछ लोगों को थाने ले जाया जाता है, मामूली जुर्माना या चेतावनी के बाद छोड़ दिया जाता है। अगले दिन से सब कुछ फिर वैसा ही शुरू हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा है। स्टैंड के पिछले हिस्से में संचालित ढाबों पर शराबियों की महफिलें जमती हैं, जो देर रात तक चलती हैं।

20 साल से जस के तस हालात

बस स्टैंड में आज भी बसें अव्यवस्थित तरीके से खड़ी मिलेंगी, जगह-जगह हाथठेले नजर आएँगे। यात्री बताते हैं कि पिछले 20 सालों से यहाँ कुछ नहीं बदला। कुछ हिस्सों में सीमेंट की खानापूर्ति भर की गई है, लेकिन यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी जारी है।

राजस्व तो लेते हैं, सुविधा क्यों नहीं देते?

बस संचालकों और दुकानदारों का आरोप है कि भारी राजस्व देने के बावजूद उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती। स्टैंड परिसर की दुकानें जर्जर हालात में हैं। बारिश में इनमें पानी टपकता है, पिछले साल कई दुकानों की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। मरम्मत के लिए दुकानदार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं।

नालियाँ कचरे से अटी पड़ी हैं, निकासी व्यवस्था खराब होने से बारिश का पानी स्टैंड में भर जाता है। कीचड़, गंदगी और बदबू के बीच यात्रियों को अपना सामान संभालने की जद्दोजहद करनी पड़ती है।

350+ बसों का हब, फिर भी उपेक्षा

प्रतिदिन यहाँ से 350 से अधिक बसें संचालित होती हैं, जिनमें 50 से ज्यादा लग्जरी बसें शामिल हैं। इतने व्यस्त हब के बावजूद यात्रियों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की सुविधाओं की अनदेखी उनके रोष को बढ़ा रही है। कब तक जारी रहेगी यह उपेक्षा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.