इलाज या इज़्ज़त पर हमला? नागौद अस्पताल में रिश्वत से गुंडागर्दी तक.
Treatment or Attack on Dignity? From Bribery to Goondaism in Nagod Hospital.
Special Correspondent, Satna, MP Samwad.
In Satna’s Nagod Civil Hospital, a radiographer demanded a bribe to manipulate a medical report and later unleashed goons on a witness who refused. The shocking incident exposes corruption, extortion, and hooliganism inside the hospital premises, raising serious questions on the health department’s accountability and law enforcement.
MP संवाद, सतना ज़िले के नागौद सिविल अस्पताल में घायल युवक राकेश सेन से मेडिकल रिपोर्ट बदलने के नाम पर पहले 10 हज़ार रुपये की मांग की गई। मोलभाव के बाद मामला 2 हज़ार पर तय हुआ। यह सौदा अस्पताल के रेडियोग्राफर बाबूलाल ने किया।
गवाह से भी रिश्वत की मांग
राकेश सेन ने पैसे की कमी बताई तो उसने अपने परिचित विनोद कुशवाहा से मदद लेने की बात कही। बाबूलाल ने विनोद को फोन कर अस्पताल बुलाया और रिश्वत के पैसे मांगे। लेकिन जब विनोद ने रिश्वत देने से साफ इनकार किया, तो हालात और बिगड़ गए।
गुंडों से कराई पिटाई
आरोप है कि इनकार करने पर बाबूलाल ने दबाव बनाने के लिए गुंडों को बुलाकर विनोद कुशवाहा की पिटाई करवा दी। अस्पताल, जहां इलाज और इंसाफ की उम्मीद रहती है, वहां गवाहों और परिचितों पर लाठी-डंडों से हमला कर “इलाज” किया गया।
शिकायत और कार्रवाई की मांग
पीड़ित विनोद कुशवाहा ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत बीएमओ को सौंपी है। वहीं कांग्रेस ने भी ज्ञापन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इसे सिर्फ एक और कागज़ी शिकायत मानकर ठंडे बस्ते में डाल देगा, या फिर वाकई बाबूलाल की “रेडियोग्राफी” कर सच सामने लाएगा।