MP SAMVAAD LOGO 2

सरपंच, सचिव की मिलीभगत से जमुनिया में हो रहा मनरेगा का घोटाला.

0

Exposing the Manrega scam in Jamuniya, where the collusion between Sarpanch and Secretary led to fraudulent fund withdrawal and wage theft.

Manrega scam in Jamuniya exposed due to collusion between Sarpanch and Secretary, with fake master rolls for fund embezzlement.

Jamuniya's Manrega scam highlighted due to the fraudulent actions of Sarpanch and Secretary, depriving laborers of their rightful wages.

Manrega Scam Happening in Jamuniya Due to Collusion Between Sarpanch and Secretary.

Sone Singh Thakur, Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.

MP संवाद, दमोह जिले के पटेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमुनिया में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव द्वारा शासन की योजनाओं का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है। यहां ग्राम पंचायत में अनियमितताओं का बोलबाला है, जहां मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा और जेसीबी मशीनों से काम कराया जा रहा है। इसके साथ ही मजदूरों के नाम फर्जी मास्टर रोल में डाले जा रहे हैं।

ग्राम पंचायत जमुनिया के मजदूरों का कहना है कि सरपंच, सचिव और सहायक सचिव ने उनके परिवार के लोगों के नाम पर जॉब कार्ड बनाए हैं, जो वास्तविक रूप से मजदूरी नहीं करते। इसके बावजूद उनके नाम पर फर्जी मास्टर रोल डालकर राशि का आहरण किया जा रहा है। हाल ही में करीब 1500 मजदूरों के फर्जी मास्टर रोल डाले गए हैं, और बिना जांच किए एसडीओ और उपयंत्री अधिकारियों ने राशि का आहरण करवा दिया।

ग्राम पंचायत जमुनिया के लोग परेशान हैं क्योंकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा और वे बाहर पलायन करने पर मजबूर हैं। शासन की योजनाओं का खुला दुरुपयोग हो रहा है और निर्माण कार्यों में घटिया गुणवत्ता के कारण जनता को कोई फायदा नहीं हो रहा। यह आरोप भी लगाया गया है कि अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कर सरकारी राशि का बंटवारा किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे मनरेगा जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं का पूरा लाभ सरपंच, सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से सिर्फ उनके परिवार और करीबी लोगों को मिल रहा है, जबकि मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। जनपद पंचायत पटेरा के कई अन्य पंचायतों में भी इसी प्रकार का भ्रष्टाचार पनप रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व में कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से खबरें प्रकाशित की गई हैं, लेकिन पटेरा जनपद पंचायत में सिर्फ आश्वासन ही दिए जाते हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इससे साफ है कि भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों द्वारा कोई गंभीर जांच नहीं की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.