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मंडला में काष्ठ लाभांश से बनी सड़क पर बड़ा सवाल.

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Big Questions Raised Over Road Built from Timber Dividend Funds in Mandla.

Special Correspondent, Shailesh Singh Tomar, Mandla MP Samwad News

अब सवाल यह उठता है कि:

👉 क्या वन समितियों के नाम पर विकास कार्य सिर्फ कागजों में हो रहे हैं?
👉 क्या काष्ठ लाभांश की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है?
👉 क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा?

मंडला में यह मामला अब
👉 विकास के नाम पर संभावित घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।

MP संवाद समाचार, मंडला। जिले में वन विभाग द्वारा काष्ठ लाभांश की राशि से कराए गए विकास कार्यों पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि वन समितियों के माध्यम से कराए गए निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।

वन समितियों के जरिए खर्च, लेकिन हिसाब गायब

जानकारी के अनुसार:

  • जिले में कई वन समितियों का गठन किया गया है
  • इनमें सदस्य और अध्यक्ष स्थानीय होते हैं, जबकि
  • समिति सचिव विभागीय अधिकारी होते हैं, जिनके पास वित्तीय अधिकार होते हैं

इन्हीं समितियों को मिलने वाली काष्ठ लाभांश राशि से
👉 ग्राम विकास, वानिकी कार्य और सड़क निर्माण कराए गए

लेकिन अब इन कार्यों में गड़बड़ी की आशंका सामने आ रही है।

11 लाख की सड़क, काम अधूरा

पूर्व सामान्य वन परिक्षेत्र अंजनिया की टिकराटोला वन समिति (बीट साजपानी) के सदस्यों ने शिकायत करते हुए बताया कि:

  • अक्टूबर 2025 में बेरटोला स्कूल से कोंडानाला तक 2 किमी ग्रेवल सड़क बनाई गई
  • मजदूरों से सिर्फ 4-5 दिन ही काम कराया गया
  • इसके बाद पूरा काम मशीनों से कराया गया

👉 मजदूरों को मात्र ₹200 प्रतिदिन दिया गया
👉 लेकिन ₹11 लाख की राशि निकाल ली गई, जबकि काम अधूरा है

पुराने काम भी सवालों में

शिकायत में यह भी आरोप है कि:

  • 2023-24 में कोंडानाला से रामसिंह यादव के घर तक बनी सड़क
    👉 गुणवत्ताविहीन होने के कारण बारिश में बह गई
  • 2022-23 में स्कूल से सुक्खू भारतीया के घर तक बनी सड़क
    👉 मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई

लेखा-जोखा में पारदर्शिता नहीं

समिति सदस्यों का आरोप है कि:

  • उन्हें कैशबुक, पासबुक और आय-व्यय का विवरण नहीं दिया जाता
  • समिति की बैठकें भी नियमित नहीं होतीं
  • हिसाब मांगने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है

मुआवजे में भी लेनदेन का आरोप

पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि:
👉 वन्यप्राणियों से पशु हानि के मामलों में मुआवजा दिलाने के बदले पैसे मांगे जाते हैं

पूरे जिले में गड़बड़ी की चर्चा

सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल एक समिति तक सीमित नहीं है, बल्कि
👉 पूरे जिले में काष्ठ लाभांश राशि में गड़बड़ी की चर्चा है

बड़ा सवाल: विकास या बंदरबांट?

अब सवाल यह उठता है कि:

👉 क्या वन समितियों के नाम पर विकास कार्य सिर्फ कागजों में हो रहे हैं?
👉 क्या काष्ठ लाभांश की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है?
👉 क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दब जाएगा?

मंडला में यह मामला अब
👉 विकास के नाम पर संभावित घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।

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