पहली बारिश में खुली ‘गुणवत्ता की पोल’! मंडला की 100 लाख की सड़क पर बवाल.
First Rain Exposes ‘Quality’ Claims! Questions Erupt Over Mandla’s ₹10 Million Road.

Special Correspondent, Mandla, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, मंडला। जिले के विकासखंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव माल के मंगलू बैगाटोला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना के तहत करीब 100.58 लाख रुपये की लागत से निर्मित 1.75 किलोमीटर लंबी सड़क पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। सड़क के कई हिस्सों में डामर और गिट्टी की परत उखड़ने के साथ ही मार्ग पर बनी पुलिया के भी क्षतिग्रस्त होने की शिकायत है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लकड़ी से हल्की रगड़ और उखड़ने लगी सड़क की परत
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष गत सिंह भवेदी, उपाध्यक्ष शिवकुमार मिश्रा, जनपद सदस्य श्रवण परते एवं ग्राम पंचायत मोहगांव के पंच इमरान खान मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष द्वारा सड़क की सतह को लकड़ी से हल्का-सा घिसे जाने पर डामर और गिट्टी की परत उखड़ने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया तथा सड़क पर आवश्यक मोटाई की परत नहीं डाली गई।
हालांकि, सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के पालन की पुष्टि सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहली बारिश में सड़क और पुलिया पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद बनी सड़क पहली ही बारिश का सामना नहीं कर सकी। कई स्थानों पर सड़क उखड़ने के साथ ही पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत भी सामने आई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता, तो सड़क और पुलिया की स्थिति इतनी जल्दी खराब नहीं होती। अब ग्रामीण पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं।
100.58 लाख की लागत, सूचना बोर्ड पर दर्ज पूरी जानकारी
मौके पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार, निर्माण कार्य मोहगांव-मंगलू बैगाटोला मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना के तहत कराया गया है।
बोर्ड के अनुसार सड़क की लंबाई 1.75 किलोमीटर और निर्माण लागत करीब 100.58 लाख रुपये है। निर्माण एजेंसी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण तथा कार्यदायी संस्था मैसर्स वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा प्रा. लि., मंडला बताई गई है।
इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवालों ने अब संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी निगाहें टिकाई हैं।
जांच हुई तो सामने आएगा ‘गुणवत्ता का सच’
निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा सड़क एवं पुलिया का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाओं में भी निर्माण गुणवत्ता से समझौता होता है, तो इससे शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर हैं। क्या मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच होगी? क्या निर्माण की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच और तकनीकी रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
Disclaimer: This report is based on local complaints and observations. Allegations concerning construction quality remain subject to technical verification, official inquiry, and due process.