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केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार, एजी ने दर्ज की आपत्तियां.

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Ken-Betwa Link Project audit reveals corruption and financial irregularities in Bundelkhand water project

केन-बेतवा लिंक परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप, एजी ने दर्ज की आपत्तियां।

Corruption in Ken-Betwa Link Project, AG Raises Objections.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, भोपाल। बुंदेलखंड में पानी की समस्या दूर करने के लिए भारत की पहली अंतर-राज्यीय नदी जोड़ो योजना केन-बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) अब भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। लाखों रुपये प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए, लेकिन नियम, निविदा प्रक्रिया और पारदर्शिता को दरकिनार कर दिया गया।

कागजों पर पैसा, धरातल पर काम नहीं

लेखा परीक्षक महानियंत्रक की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कागजों पर राशि दिखाई गई, लेकिन असली काम धरातल पर नहीं हुआ। दीवार लेखन, होर्डिंग्स और पोस्टर्स की गुणवत्ता घटिया रही, कई कार्य अस्तित्व में ही नहीं।

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं

एजी की आपत्तियों के बावजूद जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई। विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की संस्कृति ने जनता का विश्वास तोड़ा है।

जनता और विशेषज्ञ दोनों चिंतित

बुंदेलखंड के किसान और स्थानीय निवासी अब परियोजना की उपयोगिता पर संदेह करने लगे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि पारदर्शिता का अभाव न केवल वित्तीय नुकसान करता है, बल्कि जनता का भरोसा भी तोड़ता है।

सरकार पर दबाव

यदि समय रहते उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो यह परियोजना अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही पटरी से उतर सकती है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शिता सुनिश्चित करे और भ्रष्टाचार की जांच कर लाखों लोगों की उम्मीदों को बचाए।

संदेश स्पष्ट है: केबीएलपी जैसी ‘गेम चेंजर’ योजना भ्रष्टाचार के दायरे में नहीं रह सकती, वरना लाखों लोगों की उम्मीदें पानी की तरह बह जाएंगी।

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