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तबादले के नाम पर दिखावा! एसडीएम की चेतावनी के बाद मचा हड़कंप.

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कटनी जिले में पटवारियों के तबादलों में अनियमितता और एसडीएम की चेतावनी के बाद मचा प्रशासनिक हड़कंप

Transfer Just a Show! Chaos Erupts After SDM’s Warning.

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

Major irregularities in patwari transfers have surfaced in Katni. Despite state directives, many patwaris remain posted in their home tehsils for over a decade. The SDM warned of suspension for those not joining new posts, triggering panic in the administrative circle.

MP संवाद, कटनी। हाल ही में हुए पटवारियों के तबादलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। जिले के रीठी और बिलहरी जैसे क्षेत्रों में वर्षों से जमे हुए पटवारी अब भी अपने पदों पर कायम हैं। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर शासन के निर्देशों को दरकिनार कर चहेतों को तबादलों से बचाया गया है।

गृह तहसील में वर्षों से पदस्थ पटवारी अब भी बने हुए हैं, जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसे पटवारियों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाए। कटनी तहसील में लगभग आधा दर्जन पटवारियों को नियमों से राहत दी गई है। एक पटवारी तो पूरी सेवा अवधि गृह तहसील में ही पूरा कर चुका है।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में जारी तबादला सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्हें नियमों के बावजूद उनकी मूल तहसील से नहीं हटाया गया। वहीं कई अन्य पटवारियों को गृह तहसील के नाम पर अन्य तहसीलों में स्थानांतरित कर दिया गया।

कटनी नगर तहसील में 34 और ग्रामीण तहसील में 32 हल्के आते हैं। इन हल्कों में व्यापक बदलाव किए गए हैं, कुछ पटवारी एक तहसील से दूसरी में भेजे गए हैं, तो कुछ का केवल हल्का बदला गया है। अधिकतर ने नया प्रभार संभाल लिया है।

नया हल्का न ज्वॉइन करने वालों पर गिरेगी गाज

कटनी एसडीएम प्रदीप मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जो पटवारी नया हल्का ज्वाइन नहीं करेंगे, उन्हें निलंबित किया जाएगा। साथ ही जो अधिकारी जनता से दूर रहते हैं, मिलते नहीं हैं या मैदानी निरीक्षण नहीं करते, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी जारी

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई पटवारी बिना शुल्क लिए कोई कार्य नहीं करते। लोगों को तबादलों और हल्का परिवर्तन की जानकारी न होने के कारण भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन की तबादला नीति के तहत केवल 10% तबादले अभी तक हुए हैं। एसडीएम का कहना है कि शेष तबादले आगामी नीति के अनुसार किए जाएंगे।

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