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धान खरीदी या वसूली? कटनी कांग्रेस और किसान नेता के आरोप.

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Farmers protesting against unfair paddy procurement system in Katni, Madhya Pradesh

Farmers and Congress leaders protest against alleged exploitation during paddy procurement in Katni.

Paddy procurement or extortion? Allegations by Katni Congress and farmer leaders.

Special Correspondent, Mohan Nayak, Katni MP Samwad News.

MP संवाद, कटनी। धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के साथ हो रहे गंभीर अन्याय को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। धान खरीदी के दौरान छनाई एवं ग्रेडिंग के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, जो पहले से ही महंगाई से जूझ रहे किसानों पर दोहरी मार साबित हो रही है।

जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि किसान पहले ही खाद, बीज, कीटनाशक और डीज़ल की बढ़ी कीमतों से परेशान हैं, ऊपर से अब धान खरीदी के समय छन्ना और ग्रेडर लगाकर उनकी लागत और बढ़ाई जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित और किसान विरोधी है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा—
“जब नुकसान का मुआवजा देना था, तब यही धान पूरी तरह ठीक और साफ बताई गई। तब न छनाई की जरूरत पड़ी, न ग्रेडिंग की। लेकिन आज खरीदी के समय धान को खराब बताकर कटौती क्यों?”

किसान नेता राकेश ‘गुड्डू’ द्विवेदी ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि छनाई–ग्रेडिंग के नाम पर वसूली सरासर अन्याय है। किसान उत्पादन करता है, लेकिन उपार्जन केंद्रों पर उसे शोषण झेलना पड़ रहा है।

इसके अलावा तौल में देरी, मशीनों की खराबी, बारदाने की कमी और अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण किसानों को कई–कई दिनों तक केंद्रों पर भटकना पड़ रहा है। कई किसान रात खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर हैं, जिससे सुरक्षा व स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है।

अमित शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि 1–2 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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