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राजस्व वसूली अभियान तेज: खदानें निरस्त, संचालकों में मचा हड़कंप.

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Revenue Recovery Drive Intensifies: Mines Cancelled, Panic Among Operators.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति नजदीक आते ही जिला प्रशासन ने खनिज राजस्व वसूली को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा हाल ही में आयोजित खदान संचालकों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खनिजों का पूर्ण क्षमता से उत्खनन करते हुए निर्धारित समय सीमा में रॉयल्टी और डेड रेंट की राशि शासन के खाते में अनिवार्य रूप से जमा कराई जाए।

निर्देशों की अवहेलना करने वाले पांच खदान संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी खदानें निरस्त कर दी गई हैं।

उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित ने बताया कि जिन खदानों को निरस्त किया गया है, उनमें

  • पीयूष जैन (ग्राम परसवारा)
  • मनोज पांडे (दादर सिहुड़ी)
  • मेसर्स व्हाइट मिनरल (दादर सिहुड़ी – पत्थर क्रेशर खदान)
  • स्नेहलता जैन (नयाखेड़ा – फर्शी पत्थर खदान)

शामिल हैं। इसके अलावा असाटी मिनरल की मार्बल खदान को लंबे समय से बंद रहने के कारण पर्यवसित (समाप्त) कर दिया गया है।

एक दर्जन से अधिक खदानों को नोटिस

जिले में दो वर्ष से अधिक समय से बंद या शिथिल पड़ी एक दर्जन से अधिक खदानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

दो दर्जन खदान संचालकों को डिमांड लेटर

डेड रेंट की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले करीब दो दर्जन खदान संचालकों को डिमांड लेटर जारी कर शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।

इनमें प्रमुख रूप से
विनीत मार्बल (छपरा), विकास मार्बल (छपरा), त्रिवेणी मार्बल (कछारगांव), समदड़िया इंटरप्राइजेज (छपरा), इटालियन मार्बल (पौड़ी), लक्ष्मी गौड़ मार्बल प्रा. लि. (छपरा), डीएम मार्बल्स (छपरा), शिवशक्ति मार्बल (छपरा), गीतांजली मार्बल (छपरा), लक्ष्मी गौड़ मार्बल एंड मिनरल्स (निमास), लक्ष्मी स्टोनी मार्बल (कछारगांव), गरीब नवाज मार्बल (अमोच), गुरु कल्याण कृपा एस. अबुल प्रा. लि. (निमास), शारदा मार्बल्स (निमास), सरिता मार्बल (निमास), बीआरएम मार्बल (जुजावल) सहित अन्य संचालक शामिल हैं।

इसके अलावा पालीवाल, त्रिवेणी मार्बल, तेजस्विनी माइनिंग सहित अन्य बकायेदारों को भी अंतिम सूचना पत्र जारी किया गया है।

बकाया नहीं चुकाया तो होगी कुर्की

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निरस्त खदान धारकों द्वारा यदि समय सीमा में बकाया राशि जमा नहीं कराई गई तो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत आरआरसी जारी कर चल एवं अचल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल से भी सख्त निर्देश

भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव, खनिज साधन विभाग आलोक कुमार सिंह और संचालक, खनिज प्रशासन नोबेल फ्रेंक ने मार्च माह में विशेष अभियान चलाकर अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्माण एजेंसियों को भी अल्टीमेटम

कलेक्टर आशीष तिवारी ने समय-सीमा बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, डब्ल्यूआरडी, एनवीडीए सहित सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया है कि भवन निर्माण सामग्री जैसे गिट्टी, बोल्डर, रेत और मुरूम की रॉयल्टी तथा बाजार मूल्य की राशि 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा कराई जाए।

यदि निर्माण एजेंसियों द्वारा रॉयल्टी क्लियरेंस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो संबंधित एजेंसियों से बाजार मूल्य के आधार पर वसूली की जाएगी।

राजस्व वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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