ऑपरेशन के बाद युवती की मौत! MGM हॉस्पिटल पर उठे बड़े सवाल.
Young Woman Dies After Surgery! Serious Questions Raised Over MGM Hospital.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी शहर के एमजीएम हॉस्पिटल से इलाज में कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। विजयराघवगढ़ निवासी फ़िज़ा परवीन की पथरी के ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
(नोट: निम्न आरोप मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।)
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही का आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि फ़िज़ा परवीन को पथरी के ऑपरेशन के लिए एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनका दावा है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की कथित लापरवाही से एक महत्वपूर्ण नस कट गई, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।
मौत की सूचना छिपाने का भी आरोप
परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने कई घंटों तक युवती की मौत की जानकारी उनसे साझा नहीं की। जब उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चला तो अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की उपचार व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि जांच में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला माना जा सकता है।
CMHO ने गठित की जांच टीम
इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही प्रमाणित होती है, तो जिला कलेक्टर के माध्यम से नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों की प्रमुख मांगें
- पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए।
- दोषी डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
- पोस्टमार्टम एवं जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध जानकारी, परिजनों के आरोपों तथा संबंधित अधिकारी के आधिकारिक बयान पर आधारित है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।