गली-गली शराब या कार्रवाई सिर्फ कागजों में? कटनी में रहवासियों का चक्काजाम.
Liquor in Every Street or Action Only on Paper? Residents Stage Roadblock Protest in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी के माधवनगर क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। केरन लाइन, रॉबर्ट लाइन और इमलिया रोड सहित आसपास के इलाकों में दुकानों और ढाबों के जरिए कथित रूप से अवैध कारोबार फलने-फूलने के आरोप रहवासी लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों और कार्रवाई के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।
इसी बीच अमीरगंज क्षेत्र में मंगलवार को अवैध शराब बिक्री के विरोध में महिलाओं, बच्चों और अन्य रहवासियों ने एकजुट होकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के साथ ही अमीरगंज तालाब के पास पूर्व दिनों में सनत कुमार यादव के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
गली-चौराहों तक अवैध कारोबार के आरोप, कार्रवाई पर उठे सवाल
रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के कारण आए दिन विवाद और असामाजिक गतिविधियों की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई स्थानों पर खुलेआम शराब की बिक्री होने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या बनी हुई है।
लोगों का यह भी आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई कई बार केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अवैध शराब कारोबार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो उसके स्रोत और बिक्री के ठिकानों पर स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही?
महिलाएं-बच्चे भी सड़क पर उतरे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मंगलवार को बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर जमा हो गए और चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी ने मामले की गंभीरता को और रेखांकित किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन से अवैध शराब की बिक्री रोकने और मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर सड़क से हटने और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर निगरानी रखी गई।
सवाल कार्रवाई का नहीं, असरदार कार्रवाई का है
रहवासियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन या औपचारिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनकी मांग है कि अवैध शराब बिक्री के कथित ठिकानों की पहचान कर नियमित निगरानी की जाए और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई हो।
अब सवाल यह है कि अमीरगंज में सड़क पर उतरे लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है? क्या कथित अवैध शराब कारोबार पर स्थायी रोक लगेगी और मारपीट के मामले में निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट होंगे।
Legal Disclaimer: This report is based on allegations and publicly reported claims; all allegations are subject to verification, investigation, and due process of law.