सूचना लीक या संरक्षण? कटनी में खनन से पहले हट जाती हैं मशीनें.
कटनी में अवैध बॉक्साइट उत्खनन, कार्रवाई से पहले हटाई जा रहीं मशीनें
Information Leak or Protection? Machines Are Removed Before Mining Raids in Katni.
Special Correspondent, Mohan Nayak, Katni MP Samwad News.
MP संवाद, कटनी जिले में अवैध खनन अब चोरी-छिपे नहीं, बल्कि खुलेआम प्रशासन को चुनौती देता नजर आ रहा है। स्लीमनाबाद तहसील के भूला–टिकरिया क्षेत्र में खनन माफियाओं ने वह कर दिखाया है, जो सिस्टम की कमजोरी को बेनकाब करने के लिए काफी है—जांच रोकने के लिए जेसीबी से रास्ता ही काट दिया गया।
जीपीएस लोकेशन, तस्वीरें और लगातार शिकायतें होने के बावजूद जब कार्रवाई नहीं हुई, तो माफियाओं के हौसले बुलंद हो गए। हालात ऐसे बन गए कि अब अधिकारी मौके तक न पहुंच सकें, इसके लिए खनन क्षेत्र के रास्ते में गहरी नाली खुदवा दी गई। यह नाली महज गड्ढा नहीं, बल्कि सिस्टम के मुंह पर तमाचा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि माफिया को हर प्रशासनिक हलचल की पहले से खबर मिल जाती है। रात में ट्रैक्टर और जेसीबी से अवैध बॉक्साइट निकाला जाता है और सुबह होते ही मशीनें गायब—दिन में सब कुछ सामान्य दिखाने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब खनन स्थल की पहचान जीपीएस लोकेशन से स्पष्ट है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या खनन माफिया को संरक्षण प्राप्त है, या फिर जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं?
अवैध उत्खनन से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान, पर्यावरण को भारी क्षति और ग्रामीण सड़कों का सत्यानाश हो रहा है। इसके बावजूद यदि माफिया जांच रोकने के लिए रास्ते खुदवाने की हिम्मत कर रहे हैं, तो यह प्रशासनिक तंत्र की साख पर सीधा सवाल है।
अब देखने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन इस चुनौती को स्वीकार करता है या फिर खनन माफिया यूं ही सिस्टम को ठेंगा दिखाता रहेगा।