न इलाज मिला, न सहारा! मरीज के लिए निजी एम्बुलेंस ही बनी आखिरी उम्मीद.
No Treatment, No Support! A Private Ambulance Became the Patient’s Last Hope.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
A critically ill patient was denied timely treatment at Katni District Hospital, forcing the family to spend ₹3,000 for a private ambulance to Jabalpur. The viral video exposes the alarming negligence in government hospitals and the helplessness of patients who expected affordable care but found none.
MP संवाद, कटनी। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जिला अस्पताल परिसर में एक मरीज को इलाज न मिलने पर परिजनों को मजबूरन 3 से 5 हजार रुपये खर्च कर निजी एम्बुलेंस से जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा।
परिजन का आरोप है कि मरीज को समय पर उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। वायरल वीडियो में मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसका परिजन उसे उचित इलाज के लिए अस्पताल परिसर में दर–दर भटकता नजर आ रहा है।
इस मामले ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्र से आने वाले लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद से आते हैं, लेकिन उन्हें न लापरवाह डॉक्टरों से सहायता मिलती है और न ही अस्पताल प्रबंधन से कोई सहयोग।
परिजन ने खुलेआम प्रशासन को भ्रष्ट और असंवेदनशील बताया, और वीडियो में प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ऐसे हालात में आम आदमी कहां जाए?