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स्कूल भवन का काम अधूरा, सोकपिट नदी शुद्धिकरण मे भी गडबड झाला, ढीमरखेड़ा की पिपरिया शुक्ल सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर हो रही लीपापोती.

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School building construction is incomplete, and there have been irregularities in the Sokapita River purification project. There is an ongoing corruption-related issue in government schemes concerning Dhimarkhera and Pipariya Shukl.

Mohan Nayak
कटनी । उमरियापान सरकारी योजनाओं में किस तरह पलीता लगाया जाता है यह बात किसी से छिपी नहीं है जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत में सरपंच और ग्राम रोजगार सहायक द्वारा शासकीय योजनाओं के निर्माण कार्य में की गई अनियमितता की जांच करने जिले से जांच टीम पहुँची। जांच टीम में शामिल परियोजना अधिकारी मनरेगा ऋषिराज चढ़ार,आरईएस एसडीओ अजय केशरवानी, एसबीएम जिला समन्वयक कमलेश सैनी ने सोकपिट,नदी सुद्दीकरण, स्कूल भवन,वृक्षारोपण के कार्यों को देखा। 11में तीन स्थानों पर सोकपिट बने मिले।ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि शिकायत के बाद खानापूर्ति की गई है।जांच टीम ने ग्रामीणों के अलावा ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी के कथन लेकर पंचनामा कार्रवाई की। जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि जांच में ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई है। गांव में कही भी सोकपिट का निर्माण कार्य नहीं पाया गया है।जिन तीन स्थानों पर सोकपिट बनाये गए हैं,वो भी मापदंड के मुताबिक नहीं है। स्कूल भवन का काम अधूरा है। नदी सुद्दीकरण का कार्य भी मौके पर नहीं पाया गया। ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी से संबंधित निर्माण कार्य के दस्तावेज मांगे गए लेकिन रोजगार सहायक द्वारा निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखाए गए।उसके द्वारा जांच में भी सहयोग नहीं किया गया।अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का प्रतिवेदन जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत को भेजा जायेगा। आपको बता दें कि पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत सरपंच सुषमा उरमलिया ,सरपंच पति रमेश उरमलिया और ग्राम रोजगार सहायक अजय कोरी के द्वारा निर्माण कार्य में की गई अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर अवि प्रसाद, जिला पंचायत सीईओ शिशिर गेमावत से शिकायत कर कार्रवाई की मांग किया। जिसके बाद जिला सीईओ शिशिर गेमावत ने जांच टीम बनाकर रिपोर्ट तलब किया है।

अधूरी जांच कर वापस लौटे अधिकारी जांच टीम में शामिल अधिकारी अधूरी जांच कर वापस लौट गए। जांच टीम ने तालाब विस्तारीकरण, पीएम आवास और मनरेगा के कार्यों को नहीं देखा।अनियमितता बरतने वाले रोजगार सहायक से ही संबंधित कार्य के फोटो वीडियो मोबाइल पर भेजने की बात कहकर निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा औपचारिकता निभाई गई, निष्पक्ष जांच होने पर पूरी कलई खुल जायेगी। आपको बता दें कि शुक्ल पिपरिया और घुघरा ग्राम पंचायत में रहते हुए रोजगार सहायक अजय कोरी ने खूब अनियमितता की। एक छुटभैया नेता के संरक्षण के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। अब देखना यह होगा कि आगे क्या कार्यवाही की जाती है

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