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राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने पर NC विधायक के खिलाफ जांच के आदेश

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श्रीनगर

 जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक हिलाल अकबर लोन (Hilal Akbar Lone) पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं होने का आरोप लगा है। इस मामले की वीडियो सामने आने के बाद कश्मीर प्रशासन ने उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। लोन पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रगान के दौरान खड़े ना होने का आरोप लगा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों ने न्यूज 18को बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोनावारी से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हिलाल अकबर लोन के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

लोन बुधवार (16 अक्टूबर) को राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए थे। बताया जा रहा है कि श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कुछ लोग राष्ट्रगान बजने के दौरान खड़े नहीं हुए थे। लोन उनमें से एक थे।

रिपोर्ट की सत्यता का पता लगाने के लिए घटना के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। पूछताछ करने पर लोन ने बताया कि वह मेडिकल कंडीशन की वजह से नहीं उठा। हालांकि, न्यूज18 को सूत्रों ने बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले ही वह मीडिया को इंटरव्यू देते हुए खड़ा होकर बात कर रहे थे।

सूत्रों ने यह भी कहा कि कार्यक्रम की पूरी फुटेज खंगाली जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि राष्ट्रगान के दौरान कौन-कौन लोग खड़े नहीं हुए। CNN-न्यूज18 ने SKICC में औपचारिक सपथ ग्रहण समारोह से ठीक 30 मिनट पहले टेलीविजन इंटरव्यू को एक्सेस किया है। इसमें लोन कह रहे थे कि यह एक शानदार शुरुआत है और उन्हें जम्मू-कश्मीर के विकास, आर्टिकल 370 और पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में यह पहली चुनी हुई सरकार है।

54 वर्षीय अब्दुल्ला ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली जिनमें से तीन मंत्री जम्मू क्षेत्र के और दो कश्मीर घाटी के हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में सुरेंद्र चौधरी का चयन हुआ है। NC के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस ने फिलहाल नई सरकार में कोई मंत्री पद नहीं लेने का फैसला किया है। छह साल के प्रत्यक्ष केंद्रीय शासन को समाप्त करने वाली नई जम्मू-कश्मीर सरकार में अधिकतम नौ मंत्री हो सकते हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दूसरी बार मुख्यमंत्री बने उमर अपने दादा शेख अब्दुल्ला और पिता फारूक अब्दुल्ला के बाद इस पद पर आसीन होने वाले अब्दुल्ला परिवार की तीसरी पीढ़ी के नेता हैं। वह इससे पहले 2009 से 2014 के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे, जब यह पूर्ण राज्य हुआ करता था।

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