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बिना फायर एनओसी चल रहे थे हॉस्पिटल, कलेक्टर की सख्ती से गिरी गाज.

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Hospital Crackdown Gwalior mpsamwad.com

Hospitals Were Operating Without Fire NOC, Collector’s Strict Action Brought the Hammer Down.

Special Correspondent, Gwalior, MP Samwad.

Four hospitals in Gwalior were operating without fire safety clearance. Acting on Collector Ruchika Chauhan’s directive, CMHO Dr. Srivastava cancelled their registrations. This move ensures public safety and reinforces accountability in private healthcare facilities. The crackdown highlights zero tolerance for negligence in essential services.

ग्वालियर में बिना फायर एनओसी के चल रहे चार अस्पतालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर रुचिका चौहान और सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव के निर्देश पर पंजीयन रद्द कर दिए गए। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

MP संवाद, ग्वालियर। जिले में फर्जी और सुविधाविहीन अस्पतालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिले के विभिन्न नर्सिंग होम्स का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दो नर्सिंग होम ऐसे पाए गए, जिनके पास फायर सेफ्टी एन.ओ.सी. और इलेक्ट्रिक ऑडिट सर्टिफिकेट नहीं थे। CMHO कार्यालय द्वारा इन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बार-बार पत्र लिखे गए, लेकिन संचालकों ने कोई जवाब नहीं दिया।

? नियमों की अनदेखी और लापरवाही उजागर

जिला मीडिया अधिकारी आई.पी. निवारिया ने बताया कि एक नर्सिंग होम निरीक्षण के दौरान मौके पर ही बंद मिला, जबकि एक अन्य नर्सिंग होम ने स्वयं को बंद करने का आवेदन दे दिया था।

डॉ. श्रीवास्तव ने इसे गंभीर मानते हुए चार अस्पतालों/नर्सिंग होम्स के पंजीयन निरस्त कर दिए।

पंजीयन निरस्त किए गए अस्पतालों की सूची:

  1. आरोग्यम हॉस्पिटल, एनएच-75, टेकनपुर – फायर एन.ओ.सी. नहीं होने पर निरस्त
  2. जे.जे. हॉस्पिटल, शिवपुरी लिंक रोड – फायर एन.ओ.सी. नहीं होने पर निरस्त
  3. आयु चिकित्सालय, खेरिया मोदी बड़ा गांव – निरीक्षण में संचालित नहीं मिला
  4. एस.एम.एस हॉस्पिटल, आनंद नगर – स्वेच्छा से बंद के आवेदन पर निरस्त

जिले में नियमविहीन अस्पतालों पर यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

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