FSSAI का देशभर में अलर्ट, अखबार में खाद्य पदार्थ पैक करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई.
FSSAI Issues Nationwide Alert: Legal Action May Be Taken for Packaging Food Items in Newspapers.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Bhopal, MP Samwad News.
भोपाल। सड़क किनारे मिलने वाले समोसे, पकौड़े, कचौड़ी और वड़ा पाव को अखबार में लपेटकर देने की वर्षों पुरानी परंपरा अब खाद्य कारोबारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों को अखबार में पैक करना, परोसना या तेल सोखने के लिए अखबार का उपयोग करना खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
मुंबई की घटना के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में मुंबई में एक फूड वेंडर को वड़ा पाव अखबार में पैक कर बेचते हुए पकड़ा गया। इसके बाद FSSAI की क्षेत्रीय टीम और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने संयुक्त जांच की। जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर मामले को गंभीरता से लिया गया और देशभर के खाद्य कारोबारियों को सतर्क किया गया।
छोटे-बड़े सभी विक्रेताओं पर लागू होंगे नियम
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल बड़े होटल, रेस्तरां और ब्रांडेड फूड चेन तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे ठेले लगाने वाले विक्रेता, स्ट्रीट फूड सेलर, फूड डिलीवरी किचन, कैटरिंग सेवाएं और फास्ट फूड आउटलेट्स सहित सभी खाद्य व्यवसायियों को इसका पालन करना होगा।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
अखबार की स्याही से स्वास्थ्य को खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, अखबार में उपयोग होने वाली प्रिंटिंग इंक में कई रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं। जब गर्म या तैलीय खाद्य पदार्थ अखबार के संपर्क में आते हैं, तो ये रसायन भोजन में मिल सकते हैं।
लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए यह जोखिम और अधिक माना जाता है।
संक्रमण का भी बढ़ता है खतरा
अखबार छपाई के बाद कई चरणों से गुजरता है। परिवहन, भंडारण और वितरण के दौरान उस पर धूल, गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। ऐसे कागज में भोजन रखने से संक्रमण और खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
FSSAI ने क्या दी सलाह?
FSSAI ने खाद्य कारोबारियों को फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री जैसे प्लांट-बेस्ड पेपर, एल्युमिनियम फॉयल और फूड-सेफ पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करने की सलाह दी है।
साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अखबार में पैक किया गया भोजन लेने से बचें और सुरक्षित पैकेजिंग की मांग करें।
उपभोक्ता भी रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित भोजन केवल विक्रेता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी सावधानी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।