MP SAMVAAD LOGO 2

मध्यप्रदेश में तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना

0

भोपाल

देश में चक्रवाती तूफान रैमल के चलते इस वर्ष मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। मानसून की गति भी अच्छी बनी हुई थी, लेकिन अब मानसून थोड़ा कमजोर हो गया है। इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री देरी से होगी। इस समय मानसून गुजरात में पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री कब तक होगी आइए जानते हैं..

मानसून कब कहां पहुंचा

देश में मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था, इसी दिन 30 मई को यह तमिलनाडु में भी सक्रिय हो गया। इसके बाद मानसून पश्चिम बंगाल में 31 मई, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में 2 जून, तेलंगाना एवं गोवा में 4 जून के बाद अब यह 6 जून को महाराष्ट्र में सक्रिय हुआ। इसके बाद मानसून छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी में 3-4 दिन में मानसून पहुंच सकता है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के 7 राज्यों असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और मिजोरम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और गरज के बारिश की संभावना जताई है। ऐसा मौसम 7 दिन तक रह सकता है। इधर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में 15-18 जून तक सीवियर हीटवेव (तेज लू) का अलर्ट जारी किया गया है। Monsoon in MP मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भी दो दिन हीटवेव की स्थितियां बन सकती हैं।

मानसून गुजरात पहुंचा

गुजरात में मानसून आधिकारिक तौर पर आ चुका है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है। इसके चलते मौसम विभाग ने अगले 6 दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को सूरत, बनासकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद, नवसारी, वलसाड समेत कई जिलों में गरज के साथ बारिश हुई। इन जिलों में आज भी तेज बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में मानसून 3-4 दिन में पहुंच सकता है।

कमजोर पड़ा मानसून

देश के दक्षिणी राज्यों में समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। अर्थ साइंस के पूर्व सेक्रेटरी माधवन राजीवन ने कहा कि अगले 8-10 दिन तक Monsoon in MP मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। बिहार और झारखंड में 16 से 18 जून तक मानसून के पहुंचने का अनुमान है। यह 20 से 30 जून के बीच उत्तर प्रदेश और 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है। इधर देश के कई राज्यों में मौसम बदलेगा।

IMD के मुताबिक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऐसा मौसम 4-5 दिन रह सकता है।

मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री लेट हुई

 मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून के तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना है। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में एंटर होने के बाद मानसून की अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दोनों ब्रांच कमजोर हो गई है। IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 10 से 14 जून के बाद मानसून स्थिर है।

इससे वह कमजोर हो गया है। इसलिए मध्यप्रदेश में इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। प्रदेश के दक्षिण हिस्से में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। यहां हवा की गति भी अधिक है।

एमपी में बारिश एवं आंधी

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जिसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को एमपी के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में आंधी का यलो अलर्ट है। दूसरी ओर, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में गर्म हवाएं भी चल सकती है।

मानसून के कब कहां पहुंचने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार मानसून बिहार 18 जून, झारखंड 13 से 17 जून, गुजरात 19 से 30 जून, मध्य प्रदेश में 21 जून, उत्तर प्रदेश 18 से 25 जून, उत्तराखंड 20 से 28 जून, हिमाचल प्रदेश 22 जून, लद्दाख एवं जम्मू 22 से 29 जून, दिल्ली 27 जून, पंजाब 26 जून से 1 जुलाई, हरियाणा 27 जून से 3 जुलाई, चंडीगढ़ 28 जून और अंत में राजस्थान 25 जून से 6 जुलाई तक पहुंचेगा। मानसून राजस्थान होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.