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छिंदवाड़ा में कमर्शियल गैस संकट! होटल-ढाबों में फिर जली लकड़ी की भट्टियां.

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Commercial gas crisis in Chhindwara! Hotels and roadside eateries forced to cook on wood-fired stoves again.

Special Correspondent, Amit Singh, Chhindwara, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, छिंदवाड़ा। जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी ने होटल और नाश्ते की दुकानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। गैस की नियमित आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शहर के कई प्रतिष्ठानों को मजबूरी में फिर से लकड़ी और कोयले की भट्टियों पर खाना पकाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते की दुकानों के सामने ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि नियमित गैस सप्लाई न मिलने से रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरे करना मुश्किल हो रहा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई दुकानों ने वर्षों बाद फिर से लकड़ी की भट्टियां चालू कर दी हैं। इन भट्टियों में लकड़ी, कंडे और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल कर नाश्ता और अन्य व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि इससे धुआं और मेहनत दोनों बढ़ गए हैं, लेकिन कारोबार चलाए रखने के लिए यह मजबूरी बन गई है।

शहर के प्रतिष्ठित इंडियन कॉफी हाउस में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। संचालकों के अनुसार, गैस सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते उन्होंने पहले से ही लकड़ी और कोयला खरीदकर खाना और नाश्ता उसी पर बनाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि फिलहाल व्यापार जारी रखने के लिए यही एकमात्र विकल्प बचा है।

व्यापारियों के बीच यह चर्चा भी है कि गैस कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई सीमित कर दी है, जिसका सीधा असर होटल और खान-पान से जुड़े व्यवसायों पर पड़ रहा है। इससे लागत बढ़ने और सेवा प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को उम्मीद है कि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य होगी, ताकि उनका रोजमर्रा का कारोबार दोबारा सुचारु रूप से चल सके।

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