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तपती धूप, खाली मटके और बेहाल लोग… बड़वानी का दर्दनाक जल संकट.

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Scorching Sun, Empty Pots and Helpless People… Barwani’s Painful Water Crisis.

Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, बड़वानी। भीषण गर्मी के बीच बड़वानी जिले के अवल्दा गांव में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। मुख्य नर्मदा पाइपलाइन फूटने के बाद पिछले सात दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद पड़ी है। हालत यह है कि करीब 150 परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक सिर्फ तमाशबीन बना हुआ है।

गांव में पानी की किल्लत ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

कुओं, खेतों और नदी से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन फूटने के बाद गांव में एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हुई। भीषण गर्मी में गांव के ट्यूबवेल भी जवाब दे चुके हैं, क्योंकि जलस्तर लगातार नीचे चला गया है।

ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे कई किलोमीटर दूर खेतों, कुओं और नर्मदा नदी के घाटों से पानी लाने को मजबूर हैं। तपती धूप में पानी के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

एक सप्ताह बाद भी नहीं जागा प्रशासन

ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन फूटने की जानकारी संबंधित विभाग और अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत का कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ।

लोगों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।

जल संकट से गुस्साए ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

गांव में पेयजल संकट के कारण लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द पाइपलाइन दुरुस्त कर पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

बड़ा सवाल

आखिर सात दिन तक 150 परिवार पानी के लिए तड़पते रहे और जिम्मेदार विभाग सिर्फ देखता रहा? क्या ग्रामीणों की प्यास बुझाने की जिम्मेदारी अब किसी की नहीं बची?

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