बालाघाट में 26 लाइसेंस रद्द, 3 निलंबित… फिर भी सवाल बाकी! क्या Schedule H-H1 और NRx की बारी?
Balaghat: 26 Drug Licenses Cancelled, 3 Suspended… But Questions Remain! Is Schedule H, H1 and NRx Next?

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। बालाघाट जिले में मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं ने दवा कारोबार की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध कार्रवाई संबंधी सूचना के अनुसार, जिले में 3 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 26 मेडिकल स्टोर्स के ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, इन कार्रवाइयों से संबंधित मूल विभागीय आदेश और प्रत्येक प्रतिष्ठान के विरुद्ध की गई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए इस रिपोर्ट में संबंधित प्रतिष्ठानों को दोषी नहीं माना जा रहा है।
निरीक्षण में मिली कथित गड़बड़ियां, दवा सुरक्षा पर सवाल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों का उचित मिलान नहीं होना, एक्सपायरी दवाओं को निर्धारित तरीके से अलग नहीं रखना, दवा बिक्री के लिए आवश्यक योग्य व्यक्ति की अनुपस्थिति तथा शीत-श्रृंखला में रखी जाने वाली दवाओं का निर्धारित तापमान पर उचित संरक्षण नहीं होने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
बताया गया है कि संबंधित फर्म संचालकों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी कर जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। उपलब्ध सूचना के अनुसार, संतोषजनक जवाब या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मेडिकल स्टोर केवल व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दवाओं के भंडारण, बिक्री और वितरण में नियमों की अनदेखी सीधे मरीजों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
विशेष रूप से तापमान नियंत्रित दवाओं, एक्सपायरी स्टॉक और prescription medicines के मामले में रिकॉर्ड तथा वास्तविक स्टॉक का मिलान बेहद महत्वपूर्ण है।
3 लाइसेंस निलंबित, 26 निरस्त—अब कार्रवाई की असली परीक्षा
प्रसारित कार्रवाई सूची के अनुसार जय भोले मेडिकल, कुम्हारी का लाइसेंस 10 दिन, उपवंशी मेडिकल स्टोर्स, मिरगापुर का 7 दिन तथा महेंद्र मेडिकल एंड जनरल स्टोर, भटेरा रोड, बालाघाट का लाइसेंस 3 दिन के लिए निलंबित किए जाने की जानकारी है।
इसके अलावा 26 मेडिकल स्टोर्स के ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जाने की सूची भी सामने आई है। इसमें डहरवाल मेडिकल, अमूल फार्मेसी, चौक फार्मेसी, हर्ष फार्मेसी, मां ललिता फार्मेसी, राहुल फार्मेसी, साईबाबा मेडिकल, अर्पण विनायक मेडिकल, सिद्धिविनायक मेडिकल, आई मेडिकल, मोदी बंधु मेडिकल, स्वाति मेडिकल, बीजी मेडिकल, नित फार्मेसी, गोयल मेडिकल, बापचे फार्मेसी, अक्षय मेडिकलोज, रिसभ मेडिकल, बालाजी फार्मेसी, शिवम् फार्मेसी, भारती मेडिकल, जय अंबे मेडिकल, लकी फार्मेसी, धरा फार्मेसी, सीताराम मेडिकल और न्यू हिन्द फार्मेसी के नाम बताए गए हैं।
इन सभी मामलों में मूल आदेश, कार्रवाई के कारण और अपील की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि किया जाना जरूरी है।
अब सवाल यह है कि कार्रवाई के बाद इन प्रतिष्ठानों की दोबारा निगरानी कैसे होगी? क्या निलंबन अवधि के दौरान नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा? क्या निरस्त लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों से दवा बिक्री पूरी तरह बंद कराई गई है?
कार्रवाई तभी प्रभावी मानी जाएगी जब उसका मैदानी स्तर पर अनुपालन भी सुनिश्चित हो।
बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर्स और Schedule H/H1 पर भी हो विशेष जांच
MP संवाद समाचार के संज्ञान में यह भी जानकारी आई है कि बालाघाट जिले में कुछ मेडिकल स्टोर्स कथित रूप से पंजीकृत फार्मासिस्ट की नियमित उपस्थिति के बिना संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा Schedule H, H1 और NRx श्रेणी की दवाओं की बिक्री, prescription records और stock records में कथित अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
इन सूचनाओं की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। लेकिन यदि ऐसे मामले मौजूद हैं तो यह औषधि प्रशासन के लिए गंभीर जांच का विषय है।
और मामला केवल मेडिकल स्टोर्स तक सीमित नहीं है। जिले के कुछ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कथित रूप से ऐसे व्यक्ति मरीजों को दवाएं उपलब्ध या dispense कर रहे हैं, जिनके पास आवश्यक औषधि लाइसेंस या वैधानिक अधिकार होने की पुष्टि नहीं है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मौके पर जाकर सत्यापन किया जाना जरूरी है।
MP संवाद समाचार की मांग
MP संवाद समाचार जनहित में ड्रग इंस्पेक्टर एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से अनुरोध करता है कि बालाघाट जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए और—
- मेडिकल स्टोर्स पर फार्मासिस्ट की वास्तविक उपस्थिति सत्यापित की जाए।
- Schedule H/H1/NRx दवाओं के prescription और बिक्री रिकॉर्ड की जांच की जाए।
- Purchase invoices, sale bills, stock register और वास्तविक स्टॉक का मिलान कराया जाए।
- एक्सपायरी और temperature-sensitive medicines के भंडारण की जांच की जाए।
- बिना आवश्यक लाइसेंस दवा बेचने अथवा dispense करने की शिकायतों की मौके पर जांच की जाए।
- Drugs and Cosmetics Act एवं संबंधित नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- पहले की गई कार्रवाई के बाद भी संबंधित प्रतिष्ठानों में नियमों का अनुपालन हो रहा है या नहीं, इसकी पुनः जांच की जाए।
दवा कारोबार में नियमों की अनदेखी केवल कागजी उल्लंघन नहीं है—इसका सीधा संबंध मरीजों की सुरक्षा से है। इसलिए बालाघाट में कार्रवाई के साथ-साथ नियमित, पारदर्शी और प्रभावी निगरानी भी जरूरी है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध कार्रवाई संबंधी सूचना और प्राप्त शिकायतों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित प्रतिष्ठानों या व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए किसी भी आरोप को आधिकारिक जांच एवं सक्षम प्राधिकारी के अंतिम निर्णय के बिना प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
Legal Disclaimer
This report presents allegations and available information only; guilt is not established without official findings, due process, and a final decision by competent authorities or courts.