पाइपलाइन नहीं, भ्रष्टाचार फूटा—अमरपाटन में नल-जल योजना बेनकाब.
अमरपाटन में नल-जल योजना की पाइपलाइन फूटने से सड़क धंसी, लाखों लीटर पानी बर्बाद
Not a Pipeline, Corruption Burst Open — Nal-Jal Scheme Exposed in Amarpatan.
Special Correspondent, Maiher, MP Samwad News.
MP संवाद, मैहर। अमरपाटन में नल-जल योजना उस वक्त खुद बेनकाब हो गई, जब बाणसागर परियोजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन बीच सड़क से फूट पड़ी। पानी का फव्वारा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का सबूत सड़क से बाहर बहता नजर आया। कुछ ही पलों में सड़क उखड़ गई, करीब 4 इंच तक धंस गई और आम लोगों की आवाजाही ठप हो गई।
लाखों लीटर पानी यूं ही बह गया, जबकि सरकार हर मंच से जल संरक्षण के भाषण देती नहीं थकती। पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क हिलती नजर आई—मानो घटिया निर्माण कार्य खुद चीख-चीखकर सच्चाई बता रहा हो। हालात तब और भयावह हो गए जब यही पानी पास के शासकीय छात्रावास में घुस गया और पूरा परिसर जलमग्न हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नल-जल योजना में गुणवत्ता नहीं, बल्कि कमीशन प्राथमिकता है। सड़क के बीचों-बीच पाइपलाइन डालना किस इंजीनियरिंग मानक का हिस्सा है—यह सवाल अब जनता पूछ रही है। लोगों का साफ कहना है कि यदि ईमानदारी से निर्माण हुआ होता, तो यह हादसा कभी नहीं होता।
घटना के बाद प्रशासन मौके पर जरूर पहुंचा, लेकिन सवाल यह है कि जांच हादसे के बाद क्यों?
एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की बात कही है, मगर जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई चाहती है।
अमरपाटन की यह घटना सिर्फ पाइपलाइन फूटने की नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं में छिपे भ्रष्टाचार की दरार है—जिससे पानी ही नहीं, जनता का भरोसा भी बह गया।