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हिरासत में हत्या? छिंदवाड़ा जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों का पुलिस पर आरोप!

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Angry tribal community protests against Chhindwara jail death of Bhawaral Uike in Madhya Pradesh

Custodial Murder? Suspicious Death of Prisoner in Chhindwara Jail, Family Accuses Police!

Special Correspondent, Chhindwara, MP Samwad.

A tribal man dies mysteriously in Chhindwara Jail after arrest under excise laws. Family alleges police brutality, sparking protests. Jail authorities claim ‘natural causes’, but demand for judicial inquiry grows. Tension grips Pandhurna’s Tigaan village as tribals block roads with the body, accusing cops of custodial violence.

MP संवाद, पांढुर्ना (छिंदवाड़ा) – छिंदवाड़ा जिला जेल में पांढुर्ना तहसील के तिगांव गांव निवासी भावराव उइके की संदिग्ध मौत ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गिरफ्तारी के बाद जानलेवा मारपीट का आरोप लगाया है, जिसके चलते भावराव की मौत हुई। इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई है।

क्या हुआ था?

परिजनों के मुताबिक, भावराव उइके को पुलिस ने 3 जून को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार किया था। लेकिन सोमवार सुबह 9 बजे परिजनों को अचानक फोन आया कि भावराव को हार्ट अटैक आया है। जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक उन्हें मौत की खबर मिल चुकी थी।

परिजनों ने उठाए गंभीर आरोप

मृतक के परिवार ने जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि अगर हिरासत में मारपीट से मौत हुई है, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।

गांव में भड़का आक्रोश, सड़क पर रखा शव

भावराव की मौत के बाद तिगांव गांव में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने गांव की दुकान के सामने शव रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। मृतक की पत्नी शर्मिला उइके ने आरोप लगाया, “पांढुर्णा पुलिस ने मेरे पति को फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजा और थाने में उनकी पिटाई की गई। यह हत्या है!”

पुलिस-प्रशासन हुआ एक्टिव

घटना की खबर मिलते ही एसपी सुंदर सिंह कनेश, एसडीओपी बृजेश भार्गव और थाना प्रभारी अजय मरकाम मौके पर पहुंचे। उन्होंने जांच का आश्वासन देकर परिजनों को शव ले जाने दिया।

जेल अधीक्षक का बयान

छिंदवाड़ा जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने बताया कि भावराव 4 जून को जेल में दाखिल हुआ था। “सुबह लॉकअप खुलने पर वह बेचैन नजर आया और पसीने से तर था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हिरासत में मारपीट का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन न्यायिक जांच कराई जाएगी।”

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