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बिल’ बना ‘बम’! बिना साइन के पास हुए लाखों, सरपंच-सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप.

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Sarpanch-Secretary corruption scam in Dhudhri Gram Panchayat

Bill’ Turns into ‘Bomb’! Lakhs Approved Without Signatures, Sarpanch-Secretary Accused of Corruption.

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

Sarpanch-Secretary duo in Dhudhri Panchayat accused of siphoning public funds via fake furniture bills. Items bought at inflated prices, unsigned documents expose corruption. Officials promise probe, but locals demand strict action. A blatant case of graft in rural development schemes!

MP संवाद, कटनी। सरकारी योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्राम विकास की जगह सिर्फ रस्म अदायगी हो रही है। इसका ताजा उदाहरण जनपद पंचायत रीठी की ग्राम पंचायत ढूढ़री में सामने आया है, जहाँ सरपंच और सचिव ने फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन की लूट की है।

50 हजार में खरीदा “हवाई” फर्नीचर!

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवन के लिए 49,300 रुपए के फर्नीचर और कूलर की खरीदारी की गई। लेकिन बिलों में कीमतों को बेतुका बढ़ाकर घोटाला किया गया। खरीदे गए सामान की असली कीमत और बिल में दर्ज कीमत में जमीन-आसमान का अंतर है:

  • लोहे की अलमारी (बाजार भाव: 5-6 हजार) → बिल में 11,000 रुपए
  • कूलर (अनुमानित मूल्य: 8-9 हजार) → बिल में 13,500 रुपए
  • बॉस चेयर (दो नग) → 10,000 रुपए (जबकि सामान्य दर 3-4 हजार प्रति चेयर)

सबसे गंभीर बात यह है कि इन बिलों पर सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर तक नहीं हैं, जो पूरे सौदे की फर्जीवाड़े की पुष्टि करता है।

सिस्टम पर सवाल: अधिकारी मौन, भ्रष्टाचार मुखर

ग्राम पंचायतों में कमीशनखोरी का बोलबाला है, लेकिन उच्च अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। जनपद पंचायत रीठी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदूलाल पनिका ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बिना सील-साइन के बिल पास कराना गलत है। यदि ऐसा हुआ है तो जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।”

लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल जाँच की घोषणा करने भर से भ्रष्टाचार रुक जाएगा? जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, ऐसे घोटाले होते रहेंगे।

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