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मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ा अपडेट! गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया हुई और सरल.

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मध्यप्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर! अब गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया और आसान हो गई है।

मध्यप्रदेश के किसान गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया में भाग लेते हुए

मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन पंजीयन प्रक्रिया हुई और भी सरल।

Big update for the farmers of Madhya Pradesh! The wheat procurement registration process has become even simpler.

Source NDTV MPCG.

मध्य प्रदेश के किसान अब गेहूं उपार्जन के लिए घर बैठे मोबाइल से पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन की प्रक्रिया एमपी किसान ऐप के माध्यम से पूरी की जा सकती है। इसके अलावा, किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा स्थापित सुविधा केंद्रों पर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते हैं।

कैसे करें गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन?

  1. सशुल्क पंजीयन सुविधा:
    • किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे में पंजीयन करा सकते हैं।
    • इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए शुल्क की राशि कलेक्टर द्वारा निर्धारित की जाएगी।
  2. आवश्यक दस्तावेज:
    • किसान को भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
  3. विशेष श्रेणी के किसान:
    • सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर ही किया जाएगा।
    • इन किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
  4. भुगतान प्रक्रिया:
    • समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
    • अगर किसी कारणवश आधार लिंक खाते में भुगतान नहीं हो पाता, तो किसान द्वारा दिए गए दूसरे बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा
  5. बैंक खाते की जानकारी अनिवार्य:
    • पंजीयन के दौरान किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी देनी होगी।
  6. आधार सत्यापन अनिवार्य:
    • पंजीयन और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य होगा।
    • सत्यापन OTP (आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर) या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जाएगा।
  7. भू-अभिलेख मिलान:
    • किसान का पंजीयन तभी मान्य होगा, जब भू-अभिलेख में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम समान होंगे
    • अगर नाम में अंतर पाया जाता है, तो तहसील कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।
  8. बैंक खाता सत्यापन:
    • पंजीयन के दौरान ही 1 रुपये का ट्रांजेक्शन मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बना दिया गया है। अब किसान घर बैठे एमपी किसान ऐप के जरिए पंजीयन कर सकते हैं, जिससे समय और श्रम की बचत होगी। सरकार की इस पहल से किसानों को गेहूं विक्रय और भुगतान में पारदर्शिता मिलेगी।

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