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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ने समर्थन किया

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नईदिल्ली

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस का मानना है कि भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रविवार को सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने एक खबर में यह जानकारी दी।

‘तास’ की खबर के अनुसार लावरोव ने एआईएफ ऑनलाइन को दिए साक्षात्कार में कहा, 'भारत, ब्राजील के साथ-साथ अफ्रीकी देशों को काफी समय पहले सुरक्षा परिषद में स्थायी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। इन देशों में दुनिया की बड़ी आबादी रहती है, जिसका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।'

भारत सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने समेत विभिन्न सुधारों के लिए वर्षों से किए जा रहे प्रयासों में सबसे आगे रहा है। भारत का कहना है कि 1945 में स्थापित 15 देशों की सुरक्षा परिषद 21वीं सदी के उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है और समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती।

भारत का कहना है कि वह भी सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार है। पिछले महीने, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीअर स्टार्मर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के भारत के दावे का समर्थन किया था।

भारत पिछली बार 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना था। समकालीन वैश्विक वास्तविकता को प्रतिबिंबित करने के लिए स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग बढ़ रही है।

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