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हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर, पर्चे में दवाओं के नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा.

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Doctors at Hamidia Hospital will need to write the names of medicines in capital letters on prescriptions.

हमीदिया अस्पताल में फरमान, पर्ची की जांच भी होगी

भोपाल। अब डॉक्टरों की घसीटा राइटिंग से किसी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

Sahara Samachaar; Hamidiya Hospital; Bhopal;

अब हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर परिचय में दावों के नाम कैपिटल लेटर्स में ही लिखेंगे। यही नहीं, जिन परचों में जो में घसीटा राइटिंग होगी उन्हें मान्य नहीं किया जाएगा। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक ने इस संबंध में अस्पताल के सभी एचओडी को आदेश जारी कर इसे सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि दवाओं के नाम स्पष्ट व बड़े अक्षरों में लिखें, जिससे मेडिकल स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्ट व दूसरे कर्मचारियों को आसानी से दवा का नाम समझ सकें।

मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने पहले भी दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने का फरमान जारी किया था। हालांकि यह फरमान पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। हमीदिया अस्पताल भोपाल के अधीक्षक डा. आशीष गोहिया ने बताया कि हम मॉनिटरिंग भी करेंगे हमीदिया के सभी विभागों में एचओडी को जेनेरिक दवाएं और बड़े अक्षरों में लिखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद हम इसे लेकर मानिटरिंग भी करेंगे। एमसीआई ने पूर्व में इसे लेकर निर्देश दे चुकी है। लेकिन पालन नहीं किया जाता था।

घसीटा राइटिंग से होता है कन्फ्यूजन
डॉक्टरों की रेटिंग के कारण कई बार मेडिकल स्टोर में दवाओं के नाम पर कंफ्यूजन होता है। कई बार मरीजों को गलत दवा मिल जाती है। मरीजों को परेशानी से बचने के लिए कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा है। यही नहीं चिकित्सक ऐसा कर रहे हैं या नहीं, इसकी मानीटरिंग भी की जाएगी। सभी विभागों की ओपीडी पर्ची की जांच की जाएगी, ताकि कैपिटल लेटर में लिखने को बढ़ावा दिया जा सके।

केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिखते हैं चिकित्सक :
चिकित्सकों को मरीजों के लिए केवल जेनेरिक दवा लिखने का फरमान जारी किया गया है। मानीटरिंग में यह बात सामने आई कि डाक्टर मरीजों की परची में केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवा लिख रहे हैं। बाकी ब्रांडेड दवाओं के नाम सामने आ रहे है । अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभाग के चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे जारी होते रहे आदेश

  • 9 दिसंबर 2014 को चिकित्सकों को घसीटामार लिखावट नहीं करने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने निर्देश जारी किए थे। इसमें भी डाक्टरों से कैपिटल लेटर में दवा का नाम लिखने को कहा गया था। इसके बाद अप्रैल 2015 में एक बार फिर यही आदेश जारी किए गए।
  • 2 जनवरी 2021
  • हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर चिकित्सकों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी मुहर भी लगाने के आदेश जारी हुए थे। निरीक्षण के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने जारी किए थे।

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