डिठवारा में कलेक्टर को राखी, फिर ‘हाथी राजाहाथी राजा कहाँ चले’ की गूंज!
Rakhi for the Collector in Dithwara, Then the Echo of “Where Did the Elephant King Go?” Filled the Anganwadi!

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी। सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने निकले कलेक्टर श्री आशीष तिवारी जब विकासखंड कटनी के ग्राम डिठवारा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे, तो निरीक्षण का माहौल कुछ ही पलों में आत्मीयता से भर गया। नन्हीं बालिकाओं ने कलेक्टर को राखी बांधने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने भी सहजता और आत्मीयता के साथ उनकी राखी बंधवाई।
इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उन्हें प्यार और दुलार दिया। कलेक्टर के साथ बच्चों का यह सहज संवाद आंगनवाड़ी केंद्र में मौजूद सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
यह निरीक्षण मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य, एसडीएम श्री जितेंद्र पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बच्चों से जानी सुविधाओं की स्थिति
कलेक्टर श्री तिवारी ने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके दस्तावेजों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आंगनवाड़ी सहायिका श्रीमती करुणा शुक्ला से केंद्र में आने वाले बच्चों के आधार कार्ड और समग्र आईडी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र से जुड़े प्रत्येक बच्चे के आवश्यक दस्तावेज पूरे होने चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा शासन की योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने बच्चों से उनकी दिनचर्या, गतिविधियों, पढ़ाई, मिलने वाले नाश्ते और आंगनवाड़ी केंद्र की सुविधाओं के बारे में भी सहजता से जानकारी ली।
‘हाथी राजा कहाँ चले’ सुनाकर हर्षिता ने बटोरी तारीफ
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की नजर नन्हीं बालिका हर्षिता राजपूत पर पड़ी। उन्होंने हर्षिता से कविता सुनाने को कहा। हर्षिता ने बिना झिझक अपनी मासूम आवाज में आत्मविश्वास के साथ ‘हाथी राजा कहाँ चले…’ कविता सुनानी शुरू कर दी।
नन्हीं बालिका का आत्मविश्वास और उसकी प्रस्तुति देखकर कलेक्टर भी प्रसन्न हुए। उन्होंने हर्षिता को चॉकलेट देकर उसका उत्साह बढ़ाया।
यह छोटा-सा संवाद आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण का यादगार पल बन गया। बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश ने निरीक्षण को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर संवाद का रूप दिया।
निरीक्षण से संदेश—योजनाओं के साथ बच्चों पर भी नजर
आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्देश्य केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके प्रारंभिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं से जुड़ाव को मजबूत करना भी है।
ऐसे में बच्चों के दस्तावेज, पोषण, सीखने की गतिविधियों और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। डिठवारा आंगनवाड़ी केंद्र में कलेक्टर द्वारा बच्चों से सीधे संवाद करना इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा सकता है।
एक ओर जहां सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा जरूरी है, वहीं बच्चों के साथ आत्मीय संवाद उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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