जन्म से टेढ़े पैर, लेकिन भविष्य सीधा! कटनी में 38 बच्चों को मिली इलाज की उम्मीद.
Born with Twisted Feet, But a Straight Future Ahead! 38 Children Receive Hope for Treatment in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैरों के कारण चलने-फिरने में परेशानी झेल रहे बच्चों के लिए कटनी जिला चिकित्सालय में आयोजित विशेष क्लबफुट शिविर उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में कुल 38 बच्चों की स्क्रीनिंग कर उनके स्वास्थ्य और पैरों की स्थिति की जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की स्थिति के अनुसार उपचार और परामर्श प्रदान किया।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि क्लबफुट जैसी जन्मजात समस्या यदि समय रहते पहचान ली जाए और निर्धारित उपचार शुरू कर दिया जाए, तो कई बच्चों को भविष्य में सामान्य रूप से चलने-फिरने का अवसर मिल सकता है। सवाल यह है कि ऐसी सुविधाओं की जानकारी जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हर जरूरतमंद परिवार तक कितनी तेजी से पहुंच रही है?
38 बच्चों की जांच, 22 को मिला तत्काल उपचार और जरूरी सहयोग
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों की जांच के बाद उपचार प्रक्रिया शुरू की। 2 बच्चों के पैरों पर Ponseti Technique के प्रथम चरण का प्लास्टर किया गया, जबकि 20 बच्चों को पैर की स्थिति सुधारने के लिए विशेष क्लबफुट शूज यानी Braces निःशुल्क वितरित किए गए।
यह पहल उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके लिए महंगे उपचार और विशेष उपकरणों का खर्च उठाना मुश्किल हो सकता है। समय पर उपचार और नियमित फॉलोअप के माध्यम से बच्चों के पैरों की स्थिति में सुधार की संभावना रहती है।
हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उपचार को बीच में छोड़ना नहीं, बल्कि चिकित्सकीय निर्देशों के मुताबिक लगातार जारी रखना भी उतना ही जरूरी है।
विशेषज्ञों की निगरानी में बच्चों का परीक्षण
शिविर में जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर और डॉ. अभिषेक चौरसिया ने बच्चों का परीक्षण और उपचार किया। इस अवसर पर डॉ. दीपम खरे, RBSK AMO, तथा DEIC केंद्र, जिला चिकित्सालय कटनी से श्रीमती मालती तिवारी और श्रीमती आभा नामदेव भी उपस्थित रहीं और अपनी सेवाएं दीं।
शिविर का संयोजन अनुष्का फाउंडेशन (SBI Foundation) के प्रतिनिधि अमित सोनी द्वारा किया गया।
ऐसे शिविरों की सबसे बड़ी जरूरत यही है कि चिकित्सा सुविधा अस्पताल की चारदीवारी से निकलकर उन परिवारों तक पहुंचे, जो जानकारी या आर्थिक कठिनाइयों के कारण बच्चों का इलाज समय पर नहीं करा पाते।
एक छोटी सी पहचान, बच्चे के पूरे भविष्य को बदल सकती है
चिकित्सकों के अनुसार क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है, जिसका समय पर उचित उपचार होने पर बच्चा सामान्य रूप से चल-फिर सकता है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों के पैरों में जन्म से किसी भी प्रकार का टेढ़ापन या असामान्यता दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कटनी जिला अस्पताल की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन असली सफलता तब होगी जब हर गांव, हर परिवार और हर जरूरतमंद बच्चे तक क्लबफुट की पहचान और उपचार की जानकारी पहुंचे।
एक बच्चे के पैरों का सही समय पर इलाज सिर्फ उसकी चाल नहीं सुधारता—वह उसके आत्मविश्वास, शिक्षा, खेल और भविष्य की राह को भी आसान बना सकता है।
Legal Disclaimer
This report is based on information provided by concerned sources; medical outcomes may vary and readers should consult qualified healthcare professionals for diagnosis and treatment.