MP SAMVAAD LOGO 2

कलेक्टर के निर्देश बेअसर? कटनी में जुलाई का राशन अब तक वितरण से बाहर.

0

Collector’s Directives Ineffective? July Ration Still Undistributed in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News

MP संवाद समाचार, कटनी/भोपाल। कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। बरेली-रामपुर, देवरी-बिछिया और घुघरी ग्राम पंचायतों में जुलाई महीने का राशन अगस्त का आधा महीना बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिल सका। राशन पर निर्भर गरीब परिवारों के सामने अब भोजन और घरेलू खर्च का संकट बढ़ता दिखाई दे रहा है।

कलेक्टर के निर्देश के बावजूद राशन वितरण क्यों रुका?

ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण में देरी के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब प्रशासन की ओर से समय पर खाद्यान्न वितरण के निर्देश दिए गए हैं, तो संबंधित पंचायतों तक जुलाई का खाद्यान्न क्यों नहीं पहुंचा?

स्थानीय स्तर पर सेल्समैनों की ओर से खाद्यान्न आवंटन नहीं मिलने की बात कही जा रही है। यदि वास्तव में आवंटन ही नहीं हुआ था, तो संबंधित विभाग ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की?

गरीब परिवारों के लिए राशन कोई सामान्य सुविधा नहीं, बल्कि उनके भोजन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में वितरण में लंबी देरी सीधे उनके जीवन को प्रभावित कर सकती है।

विभाग का जवाब—भोपाल भेजी डिमांड, जल्द मिलेगा राशन

जिला खाद्य अधिकारी रविकांत ठाकुर के अनुसार, राशन उपलब्ध कराने के लिए भोपाल स्तर पर डिमांड भेजी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि जल्द ही खाद्यान्न उपलब्ध कराकर वितरण शुरू कराया जाएगा।

लेकिन यहां बड़ा सवाल यही है कि जुलाई का राशन अगस्त में भी क्यों लंबित है? यदि आवंटन में तकनीकी या प्रशासनिक समस्या थी, तो उसकी जानकारी ग्रामीणों को समय पर क्यों नहीं दी गई?

विधायक ने लिया संज्ञान, अब कार्रवाई का इंतजार

मामले की शिकायतों के बाद बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने भी विभागीय अधिकारियों से चर्चा किए जाने की जानकारी दी है। अधिकारियों ने जल्द खाद्यान्न वितरण का आश्वासन दिया है।

अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि आश्वासन कब हकीकत में बदलता है। प्रशासन को केवल राशन पहुंचाने तक सीमित न रहकर यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि तीन ग्राम पंचायतों में वितरण में देरी की वास्तविक वजह क्या रही और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या व्यवस्था की गई है।

गरीबों के राशन में देरी सिर्फ प्रशासनिक आंकड़ा नहीं—यह सीधे उनकी रसोई से जुड़ा सवाल है।

Legal Disclaimer

This report highlights reported administrative concerns and does not establish wrongdoing. Final responsibility depends on official records, inquiry findings, and competent authority decisions.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.