पेट्रोल के बहाने खुलवाया दरवाजा, फिर हथियारों के दम पर डकैती! कुमादेही कांड का गोंदिया कनेक्शन.
Door Opened on the Pretext of Asking for Petrol, Then Armed Robbery! Gondia Connection Emerges in the Kumadehi Robbery Case.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। बालाघाट जिले के बैहर थाना क्षेत्र के ग्राम कुमादेही में 12 अगस्त की रात हुई डकैती के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया से जुड़े एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 17 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद की गई है, जिसमें लगभग ₹1.80 लाख के सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और गोंदिया पुलिस के सहयोग से गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
पेट्रोल मांगने के बहाने खुलवाया दरवाजा, फिर घर में घुसे हथियारबंद आरोपी
पुलिस के अनुसार 12 अगस्त की रात करीब 11 बजे कुमादेही निवासी तेजराम ठाकरे के घर का दरवाजा खटखटाया गया। एक व्यक्ति ने पेट्रोल मांगने की बात कही। दरवाजा खुलते ही आरोपियों ने तेजराम को धक्का देकर नीचे गिरा दिया।
इसके बाद दो अन्य कथित आरोपी हथियारों के साथ घर में घुस आए। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने तेजराम, उनकी पत्नी और पुत्र के साथ मारपीट की तथा चाकू, तलवार एवं अन्य हथियारों से डराकर घर की अलमारी और संदूक में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और मोबाइल फोन लूट लिए।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गए।
BNS और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज, तकनीकी साक्ष्यों से खुली कड़ी
पुलिस ने मामले में धारा 309(6), 115(2), 127(2), 310(2), 312 BNS तथा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल किया। पुलिस को आरोपियों के गोंदिया में होने की सूचना मिली, जिसके बाद गोंदिया पुलिस के सहयोग से गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
किराना-हार्डवेयर और कृषि केंद्र की पहले की गई रैकी?
पुलिस पूछताछ के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपी आलोक उर्फ उकेश सिलवंशी, निवासी लामता, ने कथित तौर पर अधिक पैसा कमाने के लालच में अपने साथियों के साथ डकैती की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक तेजराम ठाकरे की किराना, हार्डवेयर एवं कृषि केंद्र की दुकान होने के कारण उनकी कथित तौर पर रैकी की गई। इसके बाद आलोक ने अपने जीजा के भाई डेनी उर्फ किशन अजीत, निवासी गोंदिया, से संपर्क किया।
पुलिस का दावा है कि इसके बाद डकैती की योजना तैयार की गई और 12 अगस्त को आरोपी गोंदिया से कुमादेही पहुंचे।
मोटरसाइकिल और स्कूटी से पहुंचे आरोपी, वारदात के बाद फरार
पुलिस के अनुसार डेनी उर्फ किशन अजीत, मयंक उर्फ छाटन मनोटे, राज लहरी, मयूर गजपूरी, प्रणय मेश्राम, दर्शन जगने और शुभम गंधे मोटरसाइकिल एवं स्कूटी से गोंदिया से कुमादेही पहुंचे थे।
पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने घर का दरवाजा खुलवाकर हथियारों के बल पर वारदात को अंजाम दिया और सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी लेकर फरार हो गए।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में डेनी उर्फ किशन अजीत, राज लहरी, मयूर गजपूरी, दर्शन जगने, मयंक उर्फ छाटन मनोटे और आलोक उर्फ उकेश सिलवंशी को आरोपी बनाया है। हालांकि, घटना में बताए गए सभी नामों की गिरफ्तारी की स्थिति इस उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
तीन आरोपियों पर महाराष्ट्र में भी आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार डेनी उर्फ किशन अजीत, मयंक उर्फ छाटन मनोटे और राज लहरी के विरुद्ध महाराष्ट्र के गोंदिया क्षेत्र में पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
अगर पुलिस की जांच में यह कड़ी पुष्ट होती है, तो कुमादेही डकैती का मामला सिर्फ स्थानीय अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सक्रिय कथित आपराधिक नेटवर्क की जांच का विषय भी बन सकता है।
फिलहाल पुलिस बरामद संपत्ति, आरोपियों की भूमिका, वारदात में इस्तेमाल हथियारों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
Legal Disclaimer
This report is based on police-provided information and allegations. All accused are presumed innocent unless proven guilty by a competent court.